विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति के नियमों में बदलाव, सरलीकरण

विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति के नियमों में बदलाव, सरलीकरण
-भवन निर्माण की उपविधि में संशोधन, बिल्डर व आर्किटेक्ट संग तकनीकी पहलु पर हुई चर्चा
    मथुरा। राज्य सरकार ने भवन निर्माण की उपविधि में व्यापक स्तर पर परिवर्तन किया है, इससे अब विकास प्राधिकरण से भवन निर्माण के लिए नक्शा की स्वीकृति की प्रकिया और सरल हो जाएगी। इसमें 100 वर्ग मीटर आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक कॉमर्शियल प्लाट के लिए नक्शा स्वीकृति महज एक रुपये शुल्क पर रजिस्ट्रेशन के साथ ही मान्य हो जाएगा, शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय सभागार में मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेगुलेशंस 2025 पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारम्भ विप्रा उपाध्यक्ष एसबी सिंह और सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी, ओएसडी प्रसून द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
    इस दौरान उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने कहा कि कई राज्यों की निर्माण संबंधी उपविधि का अध्ययन करने के बाद यूपी में रेगुलेशंस 2025 को  पर तैयार किया गया है। इसके लिए लम्बे समय से मांग की जा रही थी। संशोधित उपविधि इस तरह सरल और सहूलियत पूर्ण है कि अब प्लाट स्वामी और आर्किटेक्ट को बेवजह भाग दौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। विप्रा के बगैर हस्तक्षेप के नक्शा स्वीकृत कराया जा सकेगा। इससे लाल फीताशाही पर अंकुश लगेगा, विप्रा सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि लो रिस्क श्रेणी के अंतर्गत अप्रूव्ड कॉलोनी में 100 वर्ग मीटर आवासीय और 30 वर्गमीटर कॉमर्शियल प्लाट के लिए नक्शा स्वीकृति की जरूरत नहीं है। महज एक रुपये शुल्क पर रजिस्ट्रेशन विभागीय पोर्टल पर आर्किटेक्ट के माध्यम से कराना होगा। रजिस्टेशन के साथ ही प्लाट पर भवन निर्माण का सार्टिफिकेट जारी हो जाएगा।
   इसी प्रकार मीडियम रिस्क केटेगरी में अप्रूव्ड कॉलोनी के बाहर 300 वर्ग मीटर के प्लाट जो किसी सरकारी सड़क के पास हैँ उन्हें ट्रस्ट बेस पर स्वीकृत किया जाएगा। इसके अलावा  अप्रूव्ड कॉलोनी मे 500 वर्ग मीटर आवासीय और 200 वर्ग मीटर भी ट्रस्ट बेस पर स्वीकृत किए जाएंगे। हाई रिस्क केटेगरी में अन्य प्रकार के निर्माण संबंधी स्वीकृति होगी। कार्यशाला में तकनीकी पक्ष  एक्सईएन प्रशांत गौतम, अमरदीप, एटीपी शैलेक्क्षी, सहायक अभियंता पंकज शुक्ला, अशोक चौधरी, दिनेश गुप्ता ने रखा। 
  वहीं भवन निर्माण संबंधी नक्शा की स्वीकृति के लिए अब प्लाट स्वामी और आर्किटेक्ट को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, मानचित्र के लिए मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के साथ ही अब एनओसी जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी, नगर निगम, पीडब्ल्यूड़ी, एनएचआई, रेलवे, सिंचाई विभाग, विद्युत निगम, तहसील, जेल, अग्निशमन, विकास प्राधिकरण को 5 से 15 दिन में एनओसी देनी होगी। प्रत्येक विभाग के लिए अलग अलग अवधि निर्धारित की गई है, इस अवधि में कोई विभाग संबंधित नक्शा के लिए एनओसी जारी नहीं करता है तो उसे 30 दिन के दौरान जारी होने वाले नक्शा में स्वत मान्य कर लिया जाएगा।

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