
मथुरा : विद्युत विभाग का प्रवर्तन दल बर्षों से है साइबर ठगों से परेशान
मथुरा : विद्युत विभाग का प्रवर्तन दल बर्षों से है साइबर ठगों से परेशान
-उपभोक्ताओं पर एफआईआर को 15 हजार में रद्द करने के आ रहे फोन, जानकारी हो रही है लीक
मथुरा । विद्युत विभाग के प्रवर्तन दल की कार्यवाही और उसके बाद उगाही का बेहद संगीन मामला विभाग की छवि धूमिल कर रहा है, लगातार शिकायत के बाद भी वसूली करने वालों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो पा रही है, एक बार फिर विद्युत विभाग में प्रवर्तन दल प्रभारी शिव कुमार ने इसकी शिकायत अपने उच्चा अधिकारियों से की है, प्रवर्तन दल के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार ने अपर पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि0 को इस संबंध में पत्राचार के माध्यम से सूचित किया गया है ।
प्रवर्तन दल द्वारा प्रतिदिन की जाने वाली चेकिंग के संबंध में बिजली थाने (एपीटी) पर अभियोग पंजीकृत कराये जाते हैं, पहले ऐसे मामलों में उपभोक्ता का मोबाइल नम्बर अंकित किया जाता था, जिन उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है उन उपभोक्ताओं को प्रवर्तन दल प्रभारी या विद्युत थाने के नाम से फोन कर पैसे मांगे जाते थे, पेटीएम या अन्य दूसरी तरह से 15 हजार रुपये की मांग की जाती है और कहा जाता है कि इसके बाद आपके विरूद्ध दर्ज की गई एफआईआर को रद्द कर दिया जाएगा, तमाम उपभोक्ताओं से इस तरह मांग की गई जिनमें से कई उपभोक्ताओं ने थाने पर इसकी सूचना दी और उन फोन नम्बरों को भी लिखाया जिनसे पैसे मांगे गये थे, कई उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि मांग किये जाने के बाद उन्होंने पैसे दिये हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को 29 जुलाई 2024 को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था, इसके बाद एफआईआर के स्थान चेकिंग रिपोर्ट पर उपभोक्ता का नम्बर अंकित किया जाने लगा, 18 जुलाई को दो उपभोक्ताओं ने प्रवर्तन दल प्रभारी के कार्यालय में दो उपभोक्ता पहुंचे और उन्होंने कहा कि उनके पास अवर अभियंता बता कर कोई व्यक्ति लगातार फोन कर रहा है और कहा कि आपकी एफआईआर रदद कर दी जाएगी, दो बार 10-10 हजार रूपये पेटीएम भी कर दिये, इससे प्रवर्तन दल और थाने की छवि धूमिल हो रही है, साइबर अपराधियों द्वारा उपभोक्ताओं के मोबाइल नम्बर पता कर उनसे वैध वसूली की जा रही है।