
सड़क हादसों में प्रदेश ’टॉप टेन’ की सूची में शामिल हुआ मथुरा
सड़क हादसों में प्रदेश ’टॉप टेन’ की सूची में शामिल हुआ मथुरा
-जनपद मथुरा में सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर भी दर्ज हुई है अधिक
मथुरा । एक एक्सप्रेस वे, नेशनल हाईवे मथुरा की सीमा से होकर गुजरते हैं जबकि दो राज्यों राजस्थान और हरियाणा की सीमाएं मथुरा जनपद से लगती हैं, आगरा और दिल्ली को जोडते हुए यमुना एक्सप्रेस वे और आगरा दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग मथुरा की सीमा में लम्बी दूरी तय करते हैं, बरेली जयपुर हाईवे भी अब बनकर नए रूप में तैयार है, इतना सबकुछ होने के बावजूद मथुरा में स्वास्थ्य सेवाओं और तत्काल मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का अभी भी अभाव है, सरकारी अस्पताल में ट्रोमा सेंटर नहीं है जबकि सड़क हादसे के बाद मरीजों को सरकारी अस्पताल में ही पहुंचाया जाता है ।
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सतही स्तर पर कुछ काम जरूर होता है, त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलने की व्यवस्था भी बहुत अच्छी नहीं है, उत्तर प्रदेश में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के दृष्टिगत आज जनपद के विभिन्न स्थानों पर नो हेल्मेट सीटबेल्ट नो फ्यूल पॉलसी का पालन न करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कड़ी प्रवर्तन कार्यवाही करते हुए राजेश राजपूत वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन प्रथम दल) एवं पूजा सिंह यात्रीकर अधिकारी द्वारा 88 चालान किये गये ।
एआरटीओ ने अवगत कराया है कि प्रदेश में जनपद मथुरा सड़क दुर्घटनाओं में टाप 10 में है तथा दुर्घटनाओं में मृत्यु दर भी अधिक है जिसके लिए जनपद के समस्त जनसमुदाय से अपील की जाती है कि बिना हेल्मेट सीटबेल्ट के दो पहिया चार पहिया का संचालन किसी भी दशा में न करे, साथ ही समस्त पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देशित किया है कि नो हेल्मेट सीटबेल्ट नो फ्यूल का अनिवार्य रूप से पालन करे, बिना हेल्मेट सीटबेल्ट वाले चालकों को किसी भी दशा में ईधन न दिया जाये और आपके परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरो को भी प्रत्येक दशा में चालू रखे ।