
राधा रानी के हिंडोला दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब
राधा रानी के हिंडोला दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब
--शाम को निकली राधारानी की शोभायात्रा, सफेद छतरी से बरसाई भक्तों पर कृपा
मथुरा । हरियाली तीज से तेरह दिवसीय हिंडोला महोत्सव की शुरू रविवार की सुबह से शुरू हो गया, प्रारंभ में स्वर्ण रजत हिंडोले में लाडली जी ने विराजमान करके अपने भक्तों को दर्शन दिए, वहीं शाम को मंदिर प्रांगण में राधा रानी की शोभायात्रा पुष्पों की वर्षा के मध्य निकाली गई, झूला दर्शनों को भक्तों का जन सैलाब उमड़ गया, मंदिर परिसर झूला महोत्सव के पद गानों से गुंजायमान हो उठा, भक्त वृषभानु नंदिनी की जय जयकार करने लगे ।
रविवार की सुबह से भक्तों का जनसैलाब राधा रानी के झूला डर दर्शनों को उमड़ने लगा। सुबह 8 बजे मंदिर के जगमोहन को हरे परिधानों से सजाया गया। श्रंगार आरती पर राधा रानी के विग्रह को सेवायतों के द्वारा हरि पोशाक धारण कर स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान कर दर्शन कराए। भक्तों ने राधा रानी के हिंडोला दर्शन कर अपने आप को धन्य किया। राधा जी की छवि निहार कर भाव विभोर हो रहे थे। मंदिर परिसर से बाहर निकलने का नाम नहीं ले रहे थे। मंदिर में दर्शनों का क्रम दोपहर 2 बजे तक चलता रहा ।
शाम को मंदिर प्रांगण में राधा रानी की शोभायात्रा धूम धाम से निकाली गई, गोस्वामी युवक राधा जी के डोले को हाथ में उठा कर चल रहे थे। भक्त अपनी आराध्या की शोभयात्रा पर पुष्पों की बरसा कर राधा रानी के जयकारे लगा रहे थे। शाम पांच बजे पुष्पों से सुज्जतित सफेद छतरी में राधा रानी को विराजमान कर भक्तों को दर्शन दिए। भक्त अपनी अराध्या के दर्शन कर अपने को धन्य कर रहे थे। इस दौरान भक्त भावविह्वल होकर राधा रानी के जयकारे लगाने लगे जिससे समूची ब्रह्मांचल पर्वत गुंजायमान हो उठा। गोस्वामी समाज के द्वारा झूलनोत्सव के पद गायन किए गए।