
महापौर ने सुनीं व्यापारियों की समस्याएं, मंडी में कर रहे थे प्रदर्शन
महापौर ने सुनीं व्यापारियों की समस्याएं, मंडी में कर रहे थे प्रदर्शन
मथुरा। फल व गल्ला मंडी में जलभराव व भीषण गंदगी की समस्या से नाराज व्यापारियों द्वारा सोमवार को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में धरना किया। मौके पर पहुंची मंडी समिति की सचिव रेनू वर्मा व महापौर विनोद अग्रवाल ने मौके पर पहुंच कर नाराज व्यापारियों से वार्ता की। मंडी समिति में तत्काल पंप लगाकर जल निकासी नालों की सफाई व साफ सफाई की समुचित व्यवस्था होने क कार्य शुरू हो जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया, बरसात के मौसम में लगातार मंडी में जलभराव की समस्या बनी हुई है। फल सब्जी मंडी में पीछे से निकल रहे नाले का पानी ओवर फ्लो होकर भर जाता है। गंदगी का अम्बार लग जाता है और दुर्गधं से वहां काम करना मुश्किल हो जाता है। व्यापारियों को अपना व्यापार करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों द्वारा नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में मंडी परिसर में धरना प्रारंभ कर दिया गया, मंडी परिसर में तीन पंप सेट लगाकर जल निकासी सुचा की गई व नालों की सफाई के लिए सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी के नेतृत्व में एक टीम बनाकर सफाई व्यवस्था प्रारंभ करने व मंडी परिसर की समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, महामंत्री शशि भानु गर्ग ने कहा कि मंडी समिति में राजस्व सबसे अधिक व्यापारी देते हैं। उसके बाद भी सुविधाओं का अभाव यहां देखने को मिल रहा है। चबूतरो पर पानी भरा पड़ा है। एक महीने बाद धान की फसल आने पर यहां के व्यापारियों को सामान रखने का स्थान भी नहीं मिलेगा। इसके लिए अगर चरणवध आंदोलन की आवश्यकता भी पड़ती है तो व्यापार मंडल यहां की व्यापारियों का सहयोग करेगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद्र खत्री व वरिष्ठ मंत्री विकास जिंदल ने कहा कि व्यापार मंडल व्यापारियों के हित की लड़ाई संपूर्ण नगर में लड़ रहा है। जहां भी व्यापारिक समस्याओं की बात आएगी व्यापार मंडल सबसे आगे खड़ा होगा। सबसे अधिक राजस्व देने वाले व्यापारी की समस्याओं का समाधान शासन प्रशासन व स्थानीय अधिकारियों से व्यापार मंडल कराएगा। धरना प्रदर्शन में शरद चतुर्वेदी, सचिन अग्रवाल, झमन खान, आशीष अग्रवाल, विष्णु गुप्ता, विनोद अग्रवाल, धर्म सिंह, अशोक ठाकुर, विष्णु शर्मा, विश्वनाथ चतुर्वेदी, आदि बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।