
भूगर्भीय जल का हो रहा है अंधाधुंध दोहन, होगी निगरानी
भूगर्भीय जल का हो रहा है अंधाधुंध दोहन, होगी निगरानी
-सीडीओ की अध्यक्षता में हुई भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की बैठक, दिये निर्देश
मथुरा । मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की अहम बैठक संपन्न हुई, जनपद में भूमिगत जल संरक्षण, नियंत्रित करने एवं भूमिगत जल का सतत प्रबन्धन सुनिश्चित करने के लिए उसे दोनों परिमाणात्मक और गुणात्मक स्थ्यित्व प्रदान करने के लिए, विशेष रूप से भूजल संकट ग्रस्ट ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया गया एवं औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक और सामूहिक उपयोगकर्ताओं को भूजल निष्कर्षण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र पंजीकरण कराने के लिए समस्त औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और सामूहिक उपयोगकर्ताओं यथा आरओ प्लांट, कार बॉशिंग सेंटर, होटलों, लोजों, रिसोर्टों, निजी चिकित्सालयों, परिचर्चा गृहों, कारोबार प्रक्षेत्रों, माल्य, बाटर पार्क आदि महित मौजूदा एवं प्रस्तावित भूजल उपयोगकर्ताओं को सूचित करने हेतु निर्देशित किया गया ।
साथ ही निर्देशित किया गया कि यदि कोई भी उक्त का अनुपालन नहीं करता है कि उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल के अन्तर्गत दंड का प्राविधान है, सदस्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जल उपयोक्ता जो कि औद्योगिक वाणिज्यिक एवं सामूहिक उपभोक्ता इत्यादि को भूजल दोहन करने हेतु भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद से अनापत्ति एवं पंजिकरन प्राप्त करना अनिवार्य है ऐसा न करने वालों के भू जल दोहन करने पर रोक लगायी जायेगी। सभी विभागों यद्यपि नगर निगम, विकास प्राधिकरण, प्रदूषण, उद्योग, पर्यटन आदि में पंजीकृत उपभोक्ताओं को इस के लिए विभागों द्वारा निर्देशित करने के लिए भी निर्देश दिए गये। इसके अतिरिक्त पूर्व मैं अनापत्ति प्राप्त उपभोक्ता को भी जल संरक्षण हेतु तालाबों के माध्यम से दोहन कि पुर्ति हेतु कार्य योजना पर कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया,अन्यथा अनापत्ति एवं पंजीकरण निरस्त करते हुये कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा दिए गए ।