नंदोत्सव : गोकुल में मच गयौ हल्ला, यशोदा जायौ लल्ला

नंदोत्सव : गोकुल में मच गयौ हल्ला, यशोदा जायौ लल्ला
-कंस कारागार में जन्मे वासुदेव नंदन, सुबह गोकुल में हो गये नंदनंदन 
-मथुरा में जन्मोत्सव मनाकर रात में ही गोकुल पहुंच गए लाखों की संख्या में भक्त
    मथुरा । रात को कंस के कारागार में जन्मे वासुदेव नंदन सुबह गोकुल में नंदनंदन हो गये, श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां गोकुल में मनाई गयीं, रात को मथुरा में भगवान के अवतरण के साक्षी बने कोटि कोटि श्रद्धाुल सुबह गोकुल में भगवान के जन्मोत्सव की खुशियों में शामिल हुए। रात को ही श्रद्धालुओं ने मथुरा से गोकुल की ओर कूच कर दिया था, भोर होते ही गोकुल का नजार कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहा था, कान्हा के गांव गोकुल में नंदोत्सव की ऐसी धूम मची कि उल्लास, उमंग और उत्साह की त्रिवेणी में श्रद्धालु गोते लगाते नजर आये ।


    गोकुल की गलियां में नंद घर आनंद भयो जै कन्हैया लाल की, गोकुल में मच गयो हल्ला, जसोदा जायो लल्ला के स्वरों से गूंज उठीं। कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन भक्तों का रेला गोकुल की ओर बढ़ चला। भक्तों की भीड़ अंधेरा छंटने से पहले ही मथुरा वृंदावन से गोकुल पहुंच गई। नंद घर जन्मे लाल कन्हाई, गोकुल में बजत बधाई् के स्वरों पर श्रद्धालु जमकर थिरकते नजर आए। कन्हैया के जन्म की खुशी में भक्तों ने फल, मेवा, कपड़े, खेल, खिलौने लुटाए। गोकुल में नंदोत्सव के तहत नंदभवन पर तड़के ही कान्हा के जयकारे गूंजने लगे। हर कोई एक दूसरे को लाला के जन्म की बधाई देता हुआ दिखाई दिया । 


    इसके बाद धूमधाम से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ जिसमें लाला की छीछी (हल्दी व दही का मिश्रण) लुटाई गई, इसे लूटने के लिए भक्तों में होड़ मची रही, शहनाई पार्टी ने नंदचौक पर जब तान छेडी तो श्रद्धालु आत्मगुग्ध होकर थिरकने को मजबूर हो गये, "कान मैं तेरे कछु कह गई होगी", "भयौ नंद यशोदा के लल्ला बधाई बाज रही" आदि भजनों पर ग्वाल बाल नाचते गाते चल रहे थे, गोकुल के नंद चौक पर उपहार लूटने की श्रद्धालुओं में होड़ मची रही, उपहार पाने को आतुर श्रद्धालु हाथ ऊपर कर जतन करते रहे, "धधिकांधा की छींटें पडतीं तो मानो मन की मुराद पूरी हो गई" नंदोत्सव की ऐसी धूम मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित केशवदेव मंदिर, वृंदावन के राधारमण मंदिर, राधादामोदर, प्रियाकांत जू मंदिर सहित अनेकों मंदिरों में देखने को मिली, इस मौके पर लाला की छीछी के साथ जमकर उपहार लुटाए गए ।

 

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