
बड़े हादसे को न्यौता दे रही जर्जर पानी की टँकी, बेपरवाह जिम्मेदारन
बड़े हादसे को न्यौता दे रही जर्जर पानी की टँकी, बेपरवाह जिम्मेदारन
-गोवर्धन ब्लॉक की ग्राम पंचायत अडींग का है मामला, ग्रामीणों में है भय व्याप्त
मथुरा । गोवर्धन ब्लाक की ग्राम पंचायत अडींग में 30- 40 वर्ष पहले बनी पानी की टंकी अब पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस खस्ताहाल टंकी की हालत देखकर ग्रामीणों को डर सता रहा है कि यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो यह कभी भी धराशायी होकर बड़ा हादसा का सबक बन सकती है, यह टंकी पिछले कई वर्षों से उपयोग में नहीं है और अब इसकी दीवारों में दरारें आ चुकी हैं, लोहे का ढांचा भी पूरी तरह से जंग खा चुका है जिससे यह किसी भी वक्त गिर सकती है, शिकायतों के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी ने इस टंकी को पलटकर नहीं देखा है ।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निगम व पंचायत राज विभाग के अधिकारियों ने इस टंकी को अभी तक गिराना उचित नहीं समझा है जबकि मथुरा के कृष्णा विहार में गत एक वर्ष पूर्व हुए हादसे के बाद पूरे जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की टंकियों का सर्वे हुआ था। उसके बाद जहां भी जर्जर टंकियां मिली थी उनको जल निगम के द्वारा ढहाया गया था। इस गांव की टंकी को अधिकारियों ने अपनी सूची में शामिल नहीं किया, इसके बावजूद अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई हुई है ।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर टंकी की तुरंत जांच कराई जाए, यदि टंकी उपयोग में नहीं है, तो उसे जल्द से जल्द गिराया जाए, आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाए। इस प्रकार की लापरवाहियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। टंकी के पास बच्चों का खेलना, लोगों का गुजरना अब खतरे से खाली नहीं है। गांव वासी पीतम सिंह, गांव के पूर्व प्रधान मुनीश स्वरूप उर्फ बंदर, गुलाब सिंह उर्फ गब्बर सैनी, यादराम सैनी, सोहनलाल, बाबूलाल, संजय सिंह, किशन सैनी, लक्ष्मण सैनी आदि स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।