
राधाष्टमी पर्व के आयोजन का नहीं होता है सीधा प्रसारण
राधाष्टमी पर्व के आयोजन का नहीं होता है सीधा प्रसारण
-प्रशासन के अधिकारी मंदिर सेवायतों व प्रबंधकों से कर रहे हैं वार्ता
मथुरा । श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, होली, मुडिया मेला जैसे बडे आयोजनों का दृश्य और श्रव्य दोनों माध्यमों पर जीवंत प्रसारण दुनियाभर में लोगों को देखने को मिलता है, वहीं ब्रज में एक आयोजन ऐसा भी है जिसका कभी भी सीधा प्रसारण नहीं किया गया है, इस पर्व पर सीधे प्रसारण के लिए प्रशासन कई बार योजना बना चुका है लेकिन हर बार उसे पीछे हटना पड़ता है, यह अवसर है राधाष्टमी का महत्वपूर्ण पर्व जिसके सीधे प्रसारण की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है।
स्थानीय प्रशासन अपनी ओर से एक बार फिर से पूरा प्रयास कर रहा है कि इस भव्य आयोजन का सीधा प्रसारण लोगों तक पहुंचाया जाए, जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि इस बार राधाष्टमी पर लाडलीजी मंदिर से लाइव प्रसारण की व्यवस्था मंदिर के सेवायत, मंदिर कमेटी के रिसीवरों सदस्यों साथ आपसी सहमती बनाने का प्रयास प्रशासन के अधिकारी करेंगे, ताकि आसानी से भक्त को राधाजी के जन्म अभिषेक के दर्शन कर सकें, ऐसा होने से मंदिर में भीड़ भी कम होगी, यह जानकारी यहां पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में मेला तैयारियों की बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने दी है ।
उन्होंने कहा कि गत वर्षों में देखने को आया कि राधाष्टमी के दिन सुबह चार बजे लाडलीजी के मंदिर में श्रद्धालुओं की लाखों की संख्या में भीड़ रहती है जिससे दर्शनों के समय श्रद्धालुओं में धक्का मुक्की होती है, वहीं भीड़ के दबाव में श्रद्धालु बेहोश नहीं हों इसलिए लाइव दर्शनों की व्यवस्था होना आवश्यक है, राधाष्टमी के दर्शनों के लिए बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चे नहीं आएं, वह घर बैठे ही राधाजी के जन्म अभिषेक के दर्शन लाइव देखकर आनंद ले सकेंगे, इससे मंदिर में भीड़ भी कम होगी, इसके लिए उन्होंने मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों से वार्ता की, उन्होंने कहा कि जो भक्त मंदिर के गर्भगृह तक नहीं पहुँच पाते हैं, वह भी दूर से राधा रानी के दर्शन कर सकेंगे, यह कदम भीड़ को कम करने और भक्तों को सहजता से दर्शन का अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है ।