
श्रीराधा रानी का मनाया जायेगा 5253 वां जन्मोत्सव महोत्सव
श्रीराधा रानी का मनाया जायेगा 5253 वां जन्मोत्सव महोत्सव
-देश विदेश से 15 लाख से श्रद्धालु आने की संभावना, प्रशासन ने की तैयारी
मथुरा। राधाष्टमी महोत्सव के आयोजन में अब मात्र चार दिन शेष रह गए हैं लेकिन अभी यहां पीडब्ल्यूडी ,वन और विद्युत विभाग सक्रिय दिखाई नहीं दे रहे हैं। इन विभागों के अधिकारियों पर डीएम के आदेशों का कोई असर नहीं है, 31 अगस्त की सुबह चार बजें श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति श्री राधा रानी का 5253 वां जन्मोत्सव महोत्सव श्री धाम बरसाना में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस जन्मोत्सव में सहभागिता करने के लिए देश विदेश से 15 लाख श्रद्धालु आने की संभावना है जिसका मुख्य कारण इन दोनों दिनों में शनिवार रविवार पड़ रहा है।
लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा देने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा व्यवस्थाएं धरातल पर की जाती हैं। मेला के शुरू होने के चार दिन शेष रह गए कितु पीडब्ल्यूडी विभाग ने गोवर्धन बरसाना मार्ग, छाता बरसाना मार्ग, कोसी नंदगांव मार्ग, ऊंचा गांव मार्ग पर हो रहे गड्डों तक को अभी नहीं भरा गया है। यही नहीं बीच सड़कों पर खड़े बिजली के खंभों को भी नहीं हटाया गया। सड़कों में हो रहे गड्ढे से पैदल चलने वाले यात्रियों के चोटिल होने की संभावना है। पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़कों पर कस्बा क्षेत्र में कई जगह स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण किया हुआ है किंतु अभी तक यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया, वन विभाग के द्वारा सड़कों के किनारे खड़ी बबूल की झाड़ियों ने 5 से 6 फीट तक सड़कों को घेर लिया है। इन झाड़ियों की टहनियों को काटा नहीं गया है। दूसरी तरफ कस्बे में मिलावटी मिठाई धड़ल्ले से बिक रही है। ऐसी मिठाइयों को खाने से मेले के दौरान फूड पाइजनिंग यात्रियों में हो सकती है।
बिजली विभाग द्वारा कस्बे में बिजली सप्लाई लगातार देने में असमर्थ नजर आ रहा है, सुधार के नाम पर बिजली विभाग मुश्किल से 8 से दस घंटे बिजली सप्लाई दे पा रहा जिसमें हर घंटे ट्रिपिंग होती रहती है, विभाग के रबैया यदि मेले के दौरान ऐसा ही रहा तो राधा अष्टमी के दिन कैसे कस्बे को 26 घंटे विद्युत आपूर्ति मिलेगी। सभी विभागीय अधिकारियों को जिलाधिकारी सीपी सिंह ने मेला बैठक के दौरान आदेश दिए थे कि सभी विभाग जिम्मेदारी से अपने कार्यों को शीघ्र पूरा करें। उसके बाद भी तीनों विभागों के अधिकारी मेले के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। इन विभागों के अधिकारी शीघ्र नहीं चेते तो मेला के दौरान यहां आने वाले लाखों भक्तों को असुविधा का सामना करना पडे़गा।