प्रदेश सरकार ने तैयार किया विजन 2030, होगा बहुत कुछ बदलाव
प्रदेश सरकार ने तैयार किया विजन 2030, होगा बहुत कुछ बदलाव
-योगी सरकार कर रही है ब्रज में 30783 करोड़ से 175 योजनाओं पर काम
-जनपद मथुरा को एक नए रूप में विकसित करने की है योजना
मथुरा। कान्हा की नगरी में आने वाले समय में बहुत कुछ बदलाव होने जा रहा है, ब्रज में द्वापर युग का अहसास होगा, श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए विजन 2030 तैयार किया गया है, यह विजन कान्हा की नगरी में पर्यटन की उड़ान के लिए नया आसमान तैयार करेगा, इससे सम्बंधित सभी काम छह वर्ष में पूर्ण होंगे, कुल 30,783 करोड़ रुपये की 198 परियोजनाएं तैयार की गई हैं ।

इन परियोजनाओं में श्रीकृष्ण जन्मस्थान ही नहीं बल्कि बांकेबिहारी गलियारा भी शामिल है और श्रीकृष्ण की लीलास्थली से जुड़े हर क्षेत्र का विकास किया जाएगा, यहां पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं होंगी ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुखद अहसास हो, उप्र तीर्थ विकास परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कान्हा नगरी में पर्यटन के लिए नया आसमान तैयार करने के लिए विजन 2030 को तैयार कराया है जो अप्रैल में फाइनल हो चुका है, इस विजन में मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान, वृंदावन बांकेबिहारी मंदिर, गोवर्धन में कान्हा की लीलास्थली, गोवर्धन में पर्वतराज और बरसाना राधारानी की नगरी में स्थानीय नागरिक एवं श्रद्धालुओं के लिए परियोजनाएं शामिल हैं ।
इस विजन पर काम शुरू हो गया है, कार्य चरणवार हो रहे हैं, एक चरण का समय 18 माह रखा है, पहले चरण में प्राथमिकता के काम शुरू हो रहे हैं, 200 करोड़ रुपये से 1200 मीटर में वृंदावन में यमुना नदी के दाएं किनारे केसी घाट से देवराहा बाबा घाट तक रिवर फ्रंट का विकास कार्य होगा, 24 करोड़ से वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर फसाड लाइट एवं उच्चीकरण कार्य होंगे, 35.53 करोड़ से वृंदावन में टूरिस्ट फेसिलिटेशन मल्टीलेवल कार पार्किंग का विकास होगा, ग्राम सतोहा में 84 कोस परिक्रमा के पड़ाव स्थल का विकास होगा, इस पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे ।
सदर तहसील में माधुरी कुंड का पुनरोद्धार, 10 करोड़ से मथुरा कट से टैंक चौराहे तक मार्ग का सुंदरीकरण, पाथवे, लैंप पोस्ट व स्कल्पचर कार्य होंगे, 24 हजार वर्गमीटर में ये सेंटर बनेगा जिसमें भवन निर्माण, हेलीपैड, बेसमेंट में 400 वाहन की पार्किंग, कन्वेंशन हाल, परिसर का विकास होगा, 42 करोड़ रुपये से 23 हजार हेक्टेयर में हरिदास प्रेक्षागृह का निर्माण होगा, इसमें 950 लोगों के बैठने की क्षमता होगी, 10 करोड़ रुपये से मथुरा-वृंदावन मार्ग पर 10 किमी में हरित पट्टिका बनेगी, यहां लैंप पोस्ट, हेरिटेज लाइट्स, स्कल्पचर बनेगा, 10 करोड़ रुपये से मथुरा, वृंदावन में यमुना के घाटों की सफाई होगी ।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित श्रीबांके बिहारी गलियारा 600 करोड़ रुपये से 2.28 हेक्टेयर में बनेगा, स्थल विकास, भवन निर्माण, शहरी सेवाओं का विकास, तीन हजार तीर्थयात्रियों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, सुरक्षा प्रबंधन, कार्यालय, विशिष्ट अतिथि कक्ष, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, भोजन परिसर व दुकानें बनेंगी, 80 करोड़ रुपये से पानीगांव रोड वृंदावन में डिजिटल म्यूजियम का निर्माण आठ हजार वर्गमीटर में होगा, यहां भवन निर्माण, चहारदीवारी, डिजिटल तंत्र की स्थापना, पार्किंग होगी, 50 करोड़ रुपये से वृंदावन में मीराबाई कन्वेंशन सेंटर का विकास पीपीपी माडल पर होगा।
वहीं 50 करोड़ रुपये से गोकुल के मध्य नेचर वाक बनेगा, 17 किमी लंबे इस वाक में फेंसिंग, पैदल पाथवे, प्रकाश, पेयजल व टायलेट की व्यवस्था होगी, 550 करोड़ रुपये से वृंदावन में यमुना पर एलिवेटेड रोड व सिग्नेचर पुल बनेगा, जुगल घाट से बेगमपुर पार्किंग तक 1500 मीटर लंबा बनेगा, तीन करोड़ से पानीगांव में दुर्वासा ऋषि मंदिर का सुंदरीकरण होगा, यमुना नदी पर वृंदावन से मथुरा तक क्रूज एवं नौका पर्यटन का विकास 28.10 करोड़ से होगा, वृंदावन में टूरिस्ट फेसिलिटेशन सेंटर का विकास 33.59 करोड़ रुपये से होगा, 55 करोड़ से वृंदावन में देवराहा बाबा आश्रम के निकट रिवर फ्रंट बनेगा।
वहीं दूसरी ओर मथुरा शहर में 80 करोड़ रुपये से अग्रसेन व मसानी चौराहे पर तीन लेन फ्लाईओवर, मथुरा-भरतपुर मार्ग पर फोरलेन सेतु पर 105 करोड़ खर्च होंगे, 100 करोड़ से मथुरा-भरतपुर कासगंज रेल सेक्शन पर फोरलेन रेल पुल, कलक्ट्रेट में 40 करोड़ से मल्टीलेवल कार पार्किंग, मथुरा में सर्किट हाउस का निर्माण, 52 करोड़ से कृष्णा नगर में मल्टीलेवल कार पार्किंग व वाणिज्यिक प्लाजा का निर्माण भी होगा ।
@इन स्थलों का होगा सौंदर्यीकरण
84 कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ाव स्थलों का विकास, बलदेव में टीएफसी, शनिदेव मंदिर के समीप टीएफसी, अस्वस्थामा वन की परिक्रमा का विकास, बेलवन में महालक्ष्मी मंदिर का विकास, गोकुल में परिक्रमा मार्ग का विकास, छाता के चीरघाट का विकास, महावन व गोकुल में रामलीला स्थल का विकास, नंदगांव में नंदबाबा मंदिर के समीप कान्हा रसोई का निर्माण,नंदगांव में पुस्तकालय का निर्माण, छाता के विहार वन का सुंदरीकरण,मांट के वंशीवट में कथा पंडाल, महावन के 84 खंभा मंदिर परिसर का विकास, गोकुल व नंदगांव में टीएफसी, बठैन खुर्द में चरण पहाड़ी का सुंदरीकरण







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