लॉटरी (बीसी) का अवैध धंधा और लोगों का लालच
लॉटरी (बीसी) का अवैध धंधा और लोगों का लालच
-जिसकी हजारों की औकात नहीं होती, उन्हें मिल जाते हैं करोड़ों*
लॉटरी यानी बीसी का अवैध धंधा किसी समय गली-गली में था और आज भी कुछ जगह यह चल रहा है, छोटे लोग दो चार हजार की और बड़े लोग 10 बीस लाख की बीसी में हिस्सेदार होना एक आम बात है, अक्सर ऐसा होता है कि चलाने वाला दूसरे के पैसे को अपने काम मे ले लेता है या कुछ लोग किश्त नहीं भरते हैं, कुल मिलाकर विवाद होते ही हड़िया चौराहे पर फूटती है और सब एक दूसरे को बेईमान कहने लगे जाते हैं।
जब पुलिस तक बात पहुंचने की नोबत आती है तो पुलिस देखती है कि माल किससे मिल सकता है उसी को चलकर हड़काते हैं, तुम्हारा पैसा और तुम ही बेईमान कहलाओ तो बहुत गुस्सा आता है, कई लोगों ने अपनेधन्धे इसी तरीके से चलाने और पैसा कमाकर बड़ा आदमी बनने की आदत डाल ली है, माफिया टाइप लोगो की इंसमे अच्छी पो बारह हो जाती है, कई तो इतने बेशर्म हो गए हैं कि अंदर बाहर होने से भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है, कई बार तो बिल्कुल नए लोग लालच में आकर इनके झमेले में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई को गंवा बैठते हैं, ठगी का यह तरीका काफी समय से चलने के बावजूद भी लोग इंसमे किसी ना किसी परिचित जानकार के कहने पर आज भी फंस जाते हैं।

साभार-अजय कुमार अग्रवाल, समाज चिंतक, स्वतंत्र पत्रकार







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