तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के खिलाफ एफआईआर के आदेश
तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के खिलाफ एफआईआर के आदेश
-मौजा मीरपुर में स्थित बेशकीमती जमीन के मामले में फंसे हैं राजस्व विभाग के अधिकारी
मथुरा । पीड़ित ने अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर काटे, गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने इसके बाद न्यायालय की शरण ली, सीजेएम कोर्ट ने सदर थाना प्रभारी निरीक्षक को लेखपाल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं, फरह क्षेत्र के गांव मीरपुर के किसानों की कीमती जमीन को लेखपाल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार द्वारा खरीदारों के नाम खतौनी में दर्ज कर दिये जाने के आरोप लगाये गये हैं।
मौजा मीरपुर गांव के रहने वाले गोवर्धन दास ने सीजेएम के यहां दायर याचिका में कहा है कि उसके परिवार की खेती की कीमती जमीन है, यह आबादी से लगी हुई है, 27 फरवरी को एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से अवगत कराया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, इसके बाद पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट की शरण ली, कोर्ट ने सदर थाना प्रभारी निरीक्षक को लेखपाल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं, मां के निधन के बाद जमीन गोवर्धन दास और उसके भाइयों के नाम आ गई, परिजन ने अपने खाते के संपूर्ण भाग को गौरव, विधी चंद, नहनी व अनीता को बेच दिया, क्रेताओं के नाम चढ़ चुके थे, लेखपाल रामनरेश यादव ने षड़यंत्र करके सारे विक्रेताओं के नाम की प्रविष्टि दोबारा कर दी, लेखपाल कीमती जमीन को विपक्षियों के नाम चढ़ाकर उसे हानि पहुंचा रहा है, इस मामले में तहसीलदार सदर को प्रार्थना पत्र दिया, नायब तहसीलदार ने उसे फटकार कर भगा दिया ।







.jpeg)











