कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर दी श्रद्धांजलि
कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर दी श्रद्धांजलि
-भारतीय किसान यूनियन सुनील ने कलेक्ट्रेट पर शहीद किसानों को किया याद
मथुरा । भारतीय किसान यूनियन सुनील के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को 5 वर्ष पूर्ण होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी, केंद्र सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन सुनील ने कलेक्ट्रेट स्थित पेट्रोल पंप से हाथों में स्लोगन लिखी पट्टिकाएं लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला, जिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की गई। करीब 20 मिनट तक प्रदर्शन चला। उसके बाद कार्यालय में जाकर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
भारतीय किसान यूनियन सुनील के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन चतुर्वेदी ने कहा कि तीन कृषि काले कानून के विरोध में 13 माह तक दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन चला था। जिसको आज 5 वर्ष हो चुके हैं, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन सुनील के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने किसानों की लंबित मांगों के समाधान की मांग के लिए यह प्रदर्शन किया गया है, आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को याद किया गया, किसानों को एमएसपी पर गारंटी कानून दिया जाए, पूर्व में मथुरा में प्राकृतिक आपदा ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसल खराब हुई थी उनको तत्काल मुआवजा दिया जाए, किसान आंदोलन में जिन किसानों पर फर्जी कैसे लगाए गए थे उनके सभी मुकदमे वापस लिए जाएं, स्मार्ट मीटर के नाम पर विद्युत विभाग द्वारा निरंतर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है जिसपर तत्काल रोक लगाई जाए, नहर रजवाह माइनरों की तत्काल सफाई की जाए।
भारतीय किसान यूनियन सुनील के प्रदेश महासचिव उदयभान सिंह जाटव, महानगर अध्यक्ष भरत अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि मथुरा जनपद में तहसीलों में कर्मचारी नहीं बैठते हैं, सरकारी कर्मचारियों ने अपने प्राइवेट कर्मचारी लगा रखे हैं जो बिना सुविधा शुल्क के किसानों का काम नहीं करते अगर किसान तहसील में जाकर अधिकारियों से मिलना चाहे तो उनको अधिकारी नहीं मिलते सिर्फ दलाल मिलते हैं जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ता है, युवा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बिट्टू पंडित, जीतू पहलवान, सूबेदार ब्रिजवीर सिंह, महासचिव उदय भान सिंह जाटव, कृष्णा फौजदार, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, राधा सैनी, भरत अग्रवाल, महेश चंद्र शर्मा, शेखर सैनी, जल सिह आदि मौजूद थे।







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