बाल श्रम : 70 नियोजकों के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर
बाल श्रम : 70 नियोजकों के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर
मथुरा । वर्ष 2027 तक मथुरा को बाल श्रम से मुक्त करने का लाक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त करना है जिसके क्रम में प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश शासन के आदेशानुसार जनपद में एक से 15 दिसंबर 2025 तक विशेष्र अभियान चलाया जायेगा, जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह द्वारा जनपद मथुरा में इस अभियान को गति देने के लिए 27 नवम्बर को समिति गठित करते हुए शासन की मंशा अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है ।
जिलाधिकारी द्वारा उक्त कार्य में सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियो, पुलिस क्षेत्राधिकारियो, खण्ड विकास अधिकारियों एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को बाल एवं किशोर श्रम के विरूद्ध अभियान में विशेष योगदान देने हेतु निर्देशित किया गया है। सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल द्वारा अवगत कराया गया है कि शासन एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्व में समय-समय पर अभियान संचालित किये गये है।
जनपद में फैक्ट्री, उद्योग, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, बारात घर, बैण्ड बाजा, दुकानदारों आदि के स्वामियों के साथ बैठक कर अपील की गयी है कि अपने प्रतिष्ठान पर 18 वर्ष से कम आयु के बाल श्रमिकों से कार्य न लिया जायें, वर्तमान में वित्तीय वर्ष में कुल 70 नियोजको के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए कुल 80 बाल व किशोर श्रमिकों को कार्य से अवमुक्त करते हुए नियोजको के विरूद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अभियोजन दायर कर दिया गया है।







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