पांच साल से चल रहा था फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का खेल
पांच साल से चल रहा था फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का खेल
-अधिकारियों को नहीं हुई खबर, बड़ी मछलियों को बचा रहा है विभाग
-डीपीआरओ ने निलंबित किया ग्राम पंचायत सचिव चंद्रपाल गवर, जांच के आदेश
मथुरा । जनपद में फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाने का खेल पिछले पांच साल से चल रहा था, अधिकारियों को इसकी कानों कान खबर तक नहीं रही, अभी तक अधिकारी यह पता नहीं लगा सके हैं कि कितने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं, लापरवाही के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव चंद्रपाल गवर को निलंबित कर दिया है, इस प्रकरण की जांच एडीओ पंचायत छाता श्याम सुंदर सारस्वत को सौंप दी है ।
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जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि छाता ब्लाक की ग्राम पंचायत फालैन व गोहाना दसविसा के ग्राम पंचायत सचिव चंद्रपाल गवर के नाम पर जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य चैतन्य लोक कालोनी निवासी केन्द्र संचालक हरिओम मथुरा के रंगेश्वर मंदिर के निकट गौडिया मठ स्थित ओम शांति जनसुविधा केन्द्र कर रहा था, वह सचिव के ड्राइवर अभिषेक के साथ मिलकर उसकी आईडी का दुरूपयोग करके जन्म मृत्यु के प्रमाण पत्र बना रहा था, अभिषेक दोनों गांवों के लोगों से आवेदन कराता था और प्रमाण पत्र केन्द्र संचालक जारी करता था, इसकी एवज में लोगों से छह हजार रुपये लिए जाते थे ।
डीपीआरओ ने बताया कि केन्द्र संचालक हरिओम ने पंचायत सचिव के मोबाइल नम्बर की जगह अपना मोबाइल नम्बर डाल दिया था, बताते हैं कि यह खेल पांच साल से चल रहा था, उन्होंने लापरवाही के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव चंद्रपाल गवर को निलंबित कर दिया है, इस प्रकरण की जांच एडीओ पंचायत छाता श्याम सुंदर सारस्वत को सौंप दी है, अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले गिरोह तक मथुरा पुलिस पहुंच गई है ।
पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, पुलिस उन अधिकारियों तक पहुंचने में नाकाम रही है जो इस गिरोह को ओटीपी उपलब्ध कराते थे, पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में प्रयुक्त कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, पुलिस के अनुसार 23 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर रेलवे ग्राउंड धौली प्याऊ से चारों आरोपियों को फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने के उपकरणों सहित गिरफ्तार किया गया, आरोपी जन्म प्रमाण पत्र आदि फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से मनमानी रकम वसूलते थे, गिरफ्तार अभियुक्ताों में जितेन्द्र हरिओम धीरज और अभिषेक शामिल थे ।







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