वात्सल्य ग्राम : बड़े ही उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ वात्सल्य महोत्सव
वात्सल्य ग्राम : बड़े ही उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ वात्सल्य महोत्सव
- बेटियों ने प्रस्तुत कीं वीर नारी शक्ति गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका
मथुरा । वात्सल्य ग्राम वृन्दावन में वात्सल्य महोत्सव के अन्तर्गत द्वितीय दिवस की सुबह 10 बजे से ही कार्यक्रम प्रारंभ हो गए, सबसे पहले नेत्र परीक्षण एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया जिसमें 25 लोगों ने रक्तदान किया, संस्थापक दिवस के अंतर्गत सायं काल संविद गुरुकुलम, बालिका सैनिक स्कूल की ओर से सतयुग से कलयुग तक अनंत शक्ति नारी का अमर उत्सव प्रस्तुत किया गया ।
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महोत्सव का शुभारंभ पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा एवं मुख्य अतिथि पद्मश्री सन्तोष यादव (माउण्ट एवरेस्ट पर्वतारोही) विशिष्ट अतिथि लक्ष्मी नारायण चौधरी कैबिनेट मंत्री, तेजवीर सिंह राज्यसभा सदस्य, श्रीकान्त शर्मा विधायक आदि द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ, सरस्वती वन्दना के पश्चात समविद की बेटियों ने वीर नारी शक्ति गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जिसमें चारों युगों में नारी के त्याग और बलिदान के साथ उनके शौर्य गाथा का मनमोहक प्रदर्शन किया जिसे देखकर दर्शक मन्त्र मुग्ध हो गये, पाण्डाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजने लगा ।
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सांस्कृतिक प्रस्तुति में प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा 2 तक की 800 छात्र, छात्राओं ने प्रतिभाग किया लोगों ने कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके साथ ही 120 छात्र छात्राओं द्वारा वाद्य यन्त्रों के साथ सुर साधना की प्रस्तुति ने दर्शकों हृदय जीत लिया, कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा की भारत की बेटियां बहुत सामर्थ्यवान हैं भारत को संतुलित खड़ा होने की शिक्षा स्त्री ने ही दी है चाहे वह मां के रूप में हो पत्नी के रूप में अथवा भगिनी के रूप में, भारत के अतीत को देखा जाए तो चारों युगों में मातृशक्ति ने अपने त्याग-तपस्या, शौर्य और बलिदान से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखा है।
उन्होंने कहा कि संविद की बेटियों ने आज अद्भुत एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति देकर नारी का सम्मान बढ़ाया है, बच्चों को योग्य बनाने में शिक्षक एवं अभिभावक की अहम भूमिका रहती है, हमारे बच्चे तुलसी के पौधे हैं इन्हें संस्कारों की जल से सीखना चाहिए। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का फूल माला, शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया, संजय, साध्वी साक्षी चेतना, शिक्षा निदेशक सुमन लता, जय भगवान अग्रवाल, रविकान्त गर्ग, नारायण दास, विवेक अग्रवाल, राजीव कुमार सिंह, महेश खण्डेलवाल आदि की विशेष उपस्थिति रही। अन्त में प्रधानाचार्या श्रीमती वन्दना तिवारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया तथा संचालन श्रीमती प्रीति सोनी एवं श्रीमती राधिका राजपूत ने किया ।







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