सरकार की बुद्धि शुद्धि हेतु पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के शुभचिंतकों ने किया हवन पूजन
सरकार की बुद्धि शुद्धि हेतु पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के शुभचिंतकों ने किया हवन पूजन
-मंगलवार को देवरिया सीजेएम कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज, जिला जज कोर्ट में होगी अपील
-करीबन 26 साल पहले भूमि आंबटन का है मामला, राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताई जा रही है कार्यवाही
लखनऊ । पूरा मामला देवरिया जनपद का है, जहां पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर देवरिया जेल में फर्जी धोखाधड़ी के आरोपों में बंद हैं, उसी के संदर्भ में मंगलवार को जनपद देवरिया के स्थानीय शुभचिंतकों द्वारा मंदिर में सरकार को बुद्धि शुद्धि हेतु निर्दोष साबित करने के लिए पूजा अर्चना का आयोजन किया गया ।

वहीं पेशी के दौरान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता दीपक कुमार न्यायालय देवरिया पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पैरवी करने के लिए गए पहुंचे, जहां अधिवक्ता दीपक कुमार ने बयाया कि सीजेएम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी जिसकी आज सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय में अपना पक्ष रखा, उसी दौरान तमाम दलील सुनने के बाद उच्च न्यायालय का हवाला देते हुए याचिका को खारिज कर दिया गया, वहीं रिमांड ऑर्डर आने के बाद जिला जज देवरिया के यहां जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करेंगे ।
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हालांकि देखा जाए तो मंगलवार को पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जिला कारागार से दीवानी न्यायालय परिसर लाया गया, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर न्यायालय परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, उन्हें सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया, उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें विवेचक भी अदालत में उपस्थित रहे, पिछली सुनवाई के दौरान उन्हें साक्ष्यों के साथ तलब किया गया था, अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जमानत याचिका को लेकर अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम मंजू कुमारी ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका निरस्त कर दी ।
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पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया में दर्ज धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में हैं, यह मामला वर्ष 1999 से संबंधित बताया जा रहा है, गिरफ्तारी के बाद से ही पूर्व आईपीएस अधिकारी की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है, जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायालय परिसर में कुछ देर तक हलचल बनी रही, मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं, फिलहाल पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जिला कारागार में ही रहना होगा, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है ।
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