मीटर स्मार्ट बन रहे हैं विद्युत उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल
मीटर स्मार्ट बन रहे हैं विद्युत उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल
-बिल जमा होने के बावजूद नही हो रही है बिजली, अंधेरे में डूबे सैकड़ों घर
मथुरा । तकनीक के साथ कदमताल में अब उपभोक्ता परेशानी भुगत रहे हैं, विभाग के पिटारे में सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं है जबकि उपभोक्ता परेशान हैं, जनपद में ऊर्जा निगम द्वारा लगाए गए नए स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन गए हैं, प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद से जिले के विभिन्न इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है, आलम यह है कि उपभोक्ता बकाया बिल का भुगतान कर चुके हैं, इसके बावजूद घंटों तक उनकी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा रही है ।
विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज लोगों ने अब सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है, यमुना कॉलोनी निवासी वीरो देवी ने बताया कि सुबह 9 बजे उनकी बिजली काट दी गई थी, बैंक और ऑनलाइन माध्यम से पूरा बकाया जमा करने के बाद भी देर रात तक घर में अंधेरा पसरा रहा, यही हाल सरस्वती कुंड क्षेत्र का है, जहां के निवासी राकेश यादव ने आरोप लगाया कि बिल जमा होने के बावजूद आपूर्ति चालू नहीं हुई, उन्होंने कहा कि जब समस्या के समाधान के लिए संबंधित एसडीओ और जेई को फोन किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना तक मुनासिब नहीं समझा ।
वहीं मसानी क्षेत्र के चामुंडा कॉलोनी निवासी गिर्राज सिंह ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, उनका दावा है कि नए मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल पहले के मुकाबले तीन गुना तक बढ़कर आ रहा है, उन्होंने बताया कि मसानी बिजलीघर क्षेत्र के सैकड़ों घरों की बिजली अचानक गुल होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, विद्युत विभाग के उपभोक्ताओं का कहना है कि डिजिटल इंडिया के नाम पर उन्हें तकनीकी खामियों व विभागीय लापरवाही की ओर धकेला जा रहा है ।
वहीं दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता (नगर) मुदित तिवारी का कहना है कि जनपद में जीएमआर स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन द्वारा प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इनमें निर्धारित राशि समाप्त होने पर बिजली स्वतः कट जाती है, उन्होंने स्पष्ट किया कि कई उपभोक्ता थर्ड पार्टी यूपीआई एप्स से भुगतान कर रहे हैं जिसकी प्रोसेसिंग में समय लगने के कारण बिजली बहाली में देरी हो रही है, विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर एप इंस्टॉल करने और जागरूक करने के लिए पहले भी कैंप लगाए गए थे, उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर कर लिया जाएगा, किसी भी समस्या पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।







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