हाथी टीला पर अवैध कब्जे की कोशिश, डीएम से कार्यवाही की मांग
हाथी टीला पर अवैध कब्जे की कोशिश, डीएम से कार्यवाही की मांग
-लोकतंत्र रक्षक सेनानी विजय बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी से की टीले के संरक्षण की मांग
मथुरा । मोक्षदायिनी मथुरा नगरी के कृष्णकालीन इतिहास से जुड़े भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित स्थल हाथी टीला पर अवैध कब्जे और कब्रिस्तान बनाने की साजिश का मामला सामने आया है, इस संबंध में लोकतंत्र रक्षक सेनानी विजय बहादुर सिंह, कटरा केशवदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है, शनिवार को लिखे गए पत्र में बताया है कि पुराण प्रसिद्ध मथुरा का पुरातात्विक महत्व जग जाहिर है, यहां के अनेक कृष्णकालीन स्थलों को एएसआई द्वारा संरक्षित घोषित किया गया है ।(53).jpg)
पत्र के अनुसार मथुरा के शासक राजा उग्रसेन का हाथी-घर वर्तमान श्हाथी टीलाश् नामक स्थान पर था जिसकी पुष्टि कंस के कारागार स्थल जो वर्तमान में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के नाम से प्रसिद्ध है, के अति निकट होने से भी होती है, आरोप है कि मुस्लिम समाज के जमालुद्दीन आदि द्वारा न केवल वहां लगा एएसआई का संरक्षित स्मारक संबंधी बोर्ड उखाड़ कर फेंक दिया गया, बल्कि नगर निगम के स्वामित्व वाले इस भूखंड को वक्फ नं.-74 के रूप में फर्जी रजिस्ट्रेशन कर इसे कब्रिस्तान का रूप देने का षड्यंत्र भी किया गया।
हालांकि यह फर्जी रजिस्ट्रेशन उच्च न्यायालय के आदेश पर अपर वक्फ आयुक्त द्वारा निरस्त किया जा चुका है, पत्र में उल्लेख है कि अपर वक्फ आयुक्त ने मौजा केशवपुर-मनोहरपुर में स्थित खसरा नं.-635, खेवट नं.-2, 6 रकबा 2.5 एकड़ में किसी भी प्रकार के निर्माण या खुदाई कार्य को 3 जनवरी 2015 के आदेश से बिना जिलाधिकारी और बिना एएसआई की अनापत्ति के निषिद्ध घोषित किया हुआ है, इसके बावजूद विभागीय उदासीनता के चलते असामाजिक तत्वों द्वारा टीला क्षेत्र में अतिक्रमण कर अवैध खनन व कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, लोकतंत्र रक्षक सेनानी ने हेरिटेज सिटी घोषित मथुरा में स्थित इस कृष्णकालीन धरोहर को सुरक्षित करने के लिए अवैध कब्जे को तत्काल रोके जाने की मांग की है ।







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