चिकसौली गांव में हुआ सांझी संवाद का आयोजन
चिकसौली गांव में हुआ सांझी संवाद का आयोजन
वृन्दावन । हम अपनी परंपराओं से दूर हो रहे हैं, गांव-गांव घर-घर जो सांझी दीवारों पर उकेरी जाती थीं अब वह कार्यशालाओं का हिस्सा बन कर रही गई हैं, शोध संस्थान द्वारा आयोजित साँझी महोत्सव के आठवें दिन रविवार को चित्रा सखी के गाँव चिकसौली में साँझी संवाद के अवसर पर रंग, जल एवं गोबर साँझी कार्यशाला, निकुंज में चित्रा सखी विषय पर आधारित रंग साँझी का प्रस्तुतिकरण, ब्रज की साँझी परम्परा पर परिचर्चा तथा प्रदर्शनी आदि कार्यक्रम आयोजित किये गये। .png)
इस अवसर चित्रा सखी मंदिर के महंत राधारमण ने कहा कि अष्ट सखी परिकर में चित्रा सखी का विशिष्ट स्थान है, राधाकृष्ण की विभिन्न लीलाओं में चित्रा सखी की विभिन्न सेवाओं का उल्लेख विभिन्न भक्त रचनाकारों ने किया है, कार्यक्रम के सहयोगी एवं मंडोना रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक लक्ष्मीकान्त गौड़ ने कहा कि ब्रज की परम्पराओं के संवर्द्धन और संरक्षण में नई पीढ़ी की सहभागिता आवश्यक है, इसके लिये साझा प्रयासों के माध्यम से हमें आगे बढ़ना होगा, वृन्दावन शोध संस्थान इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रंग साँझी का प्रशिक्षण देते हुए आचार्य विभुकृष्ण ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिये अपनी संस्कृति का ज्ञान भी बहुत जरूरी है, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ना परम आवश्यक है, दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कालेज के अतिथि व्याख्याता मोहित यादव ने कहा साँझी लीला में अष्ट सखी परिकर की चित्रा सखी की महत्वपूर्ण भूमिका है, यह चित्र रचना में कुशल हैं, कार्यक्रम का संचालन डॉ0 राजेश शर्मा तथा संयोजन श्रीमती ममता गौतम एवं प्रगति शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यशाला में चिकसौली, बरसाना तथा हाथिया की 40 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया, इस दौरान सुधीजनों द्वारा साँझी की प्रदर्शनी का अवलोकन तथा ईशान गौड़ एवं सार्थक शर्मा द्वारा जल साँझी एवं उपस्थित विद्यार्थियों द्वारा गोबर साँझी का प्रस्तुतिकरण किया गया, इस अवसर पर डॉ0 श्रीकान्त गौड़, डॉ0 ललिता शर्मा, मंडोना डेवलपमेंट फाउण्डेशन की प्रभारी अधिकारी दीक्षा यादव, पलाश अग्रवाल, हर्ष शर्मा, कुणाल यादव, सार्थक शर्मा एवं राहुल सहित अनेक संस्थान कर्मी उपस्थित रहे ।



















