
"बैरिन भई तू बांसुरी" रासलीला का बच्चों द्वारा किया गया मंचन
"बैरिन भई तू बांसुरी" रासलीला का बच्चों द्वारा किया गया मंचन
-सरकारी स्तर पर रासलीला बचाने के प्रयास बेहद ही सराहनीय-गुरु शरणानंद
मथुरा । गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन (उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद) एवं भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित संयुक्त रासलीला प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन पर "बैरन भई तू बांसुरी" रासलीला का भव्य मंचन किया गया, यह मंचन श्रीकार्ष्णि आश्रम रमणरेती महावन में हुआ, गुरू शरणानंद महाराज महाराज एवं श्रद्धालुओं ने बालक बालिकाओं के मंचन को सराहा व आशीर्वाद दिया, गुरु शरणानंद महाराज ने सरकारी स्तर पर पहली बार रासलीला बचाने के शुरू हुए प्रयासों की सराहना की ।
योगी सरकार की कला, संस्कृति को रोजगार से जोड़ने की नई नीति के अन्तर्गत 15 जून से 15 जुलाई तक गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन में इन सभी दो दर्जन बालक बालिकाओं ने रासलीला नाट्य विधा को सीखा था, ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ0 उमेश चंद शर्मा ने बैरिन भई तू बांसुरी स्क्रिप्ट लिखी व निर्देशन किया था, भातखंडे विश्वविद्यालय लखनऊ की प्रवक्ता डॉ0 मीरा दीक्षित ने रास के नृत्य को कत्थक शैली में सिखाया, स्वामी घनश्याम शर्मा ने रास की अन्य विधाएं सिखायीं ।
गोपाल बाबा ने पखावज, नारायण भारद्वाज ने तबला, हर्ष ठाकुर ने बांसुरी गायन सिखाया व बच्चों से मंचन करवाया था, आकाश तिवारी व जगदीश भारद्वाज प्रशिक्षण में सहयोगी रहे, कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करके मंचन करने वाले बालक बालिकाओं में मोहित चौबे, मनीष भारद्वाज, मोहित, कृष्णकांत, प्रेम शर्मा, भावेश, आर्यन शर्मा, उपास्य पाल, मंथन, राज शर्मा, नैना, जहान्वी, अनुराधा चौधरी, प्रिंसी चौधरी, सृष्टि पाल, तमन्ना शताक्षी कोमल, अंशिका मिश्रा व दिव्यांशी आदि थे ।