सिद्ध शनि मंदिर, मुड़ेसी पर मनाई गई शनि जयंती, हुए विशेष कार्यक्रम
सिद्ध शनि मंदिर, मुड़ेसी पर मनाई गई शनि जयंती, हुए विशेष कार्यक्रम
-शनिदेव का किया गया 1100 किलो शुद्ध सरसों के तेल से भव्य महाअभिषेक
मथुरा । ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के दिन शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाता है जिसे शनि अमावस्या भी कहते हैं, शनि जयंती पर शनि देव के मंदिरों में विधि विधान से पूजा अर्चना की गई, इस अवसर पर मंदिरों पर विशेष आयोजन किये, इस बार शनिवार के दिन शनि जयंती मनाए जाने से भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, हर वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या पर शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है और यह दिन शनि कृपा और शनि दोष से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम दिन में से एक माना जाता है ।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि जयंती पर 300 साल बाद महापुरुष योग, गजकेसरी योग, बुद्धादित्य योग, सौभाग्य योग और शोभन योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, सिद्ध शनि मंदिर, मुड़ेसी पर शनि जयंती पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव अभूतपूर्व श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया, इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में अत्यंत दुर्लभ और पवित्र संयोग देखने को मिला, जो पूरे 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आया था ।
जन्मोत्सव के इस पावन पर्व पर स्वामी विजयानंद सरस्वती के सानिध्य और कुशल मार्गदर्शन में भगवान शनिदेव का 1100 किलो शुद्ध सरसों के तेल से भव्य महाभिषेक किया गया, इस आलौकिक दृश्य और महाअभिषेक का साक्षी बनने के लिए दूरदराज से हजारों श्रद्धालु मुड़ेसी धाम पहुंचे, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच हुए इस अभिषेक से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, शाम के समय महाराज जी के द्वारा भस्म आरती व छछप्पन भोग अर्पित किया गया ।






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