
क्षय रोग : मथुरा में रोगियों की सेहत पर रखी जा रही है लगातार नजर
क्षय रोग : मथुरा में रोगियों की सेहत पर रखी जा रही है लगातार नजर
-जनपद के चार ब्लॉक में टीबी मरीजों को वितरित की गईं 500 से अधिक पोषण किट
मथुरा । जनपद में क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन को लेकर एक संगठित, सशक्त और संवेदनशील अभियान चलाया जा रहा है, जिला क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत रोगियों की पहचान, इलाज और पुनर्पुष्टि के साथ-साथ उनके पोषण और मानसिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, वहीं इस कार्य में समाजसेवी संगठन भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं, इसी क्रम में बुधवार को मडोना रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा मथुरा के चार ब्लॉकों फरह, बरसाना, गोवर्धन और बलदेव में 500 से अधिक क्षय रोगियों को पोषण सामग्री किट वितरित की गई ।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजीव यादव ने कहा कि जब तक ग्राम स्तर पर जनभागीदारी नहीं होगी, तब तक क्षय रोग के पूर्ण उन्मूलन की कल्पना अधूरी रहेगी, समाज, संगठन और शासन तीनों को एकजुट होकर कार्य करना होगा, उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया कि वह अपने-अपने गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएं और संकल्प लें कि उनके गांव से एक भी क्षय रोगी बिना इलाज के नहीं रहेगा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 सत्यप्रकाश राठौर ने जनपद के प्रतिष्ठित नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से अपील की है कि वह टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें सामाजिक, भावनात्मक और पोषण सहयोग प्रदान करें, उन्होंने कहा कि यह "गोद लेना" प्रतीकात्मक नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी का भाव है जिसमें रोगी की संपूर्ण देखभाल की जाती है ।
जिला पीपीएम समन्वयक आलोक तिवारी ने कहा कि टीबी रोगियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से की जा रही है, उनकी देखरेख में क्षेत्रीय क्षय नियंत्रण कर्मचारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता व स्वयंसेवी घर-घर जाकर टीबी मरीजों से मिल रहे हैं, उनका हालचाल पूछ रहे हैं, दवा सेवन की स्थिति की जांच कर रहे हैं, और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित कर रहे हैं, यह सतत निगरानी मरीजों के उपचार और रिकवरी की प्रक्रिया को मजबूत बना रही है, जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव कुमार ने कहा कि जिला क्षय रोग केन्द्र, मडोना रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन व अन्य सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों ने जनपद में एक नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया है, निरंतर निगरानी, पोषण सहायता और जनभागीदारी जैसे ठोस कदम आने वाले समय में मथुरा को एक टीबी मुक्त जनपद के रूप में स्थापित कर सकते हैं।
पोषण सामग्री किट प्राप्त करने के बाद उपचारित क्षय रोगी दिनकर (बदला हुआ नाम) ने कहा कि टीबी होने की सूचना मिलने पर मरीज मानसिक रूप से परेशान हो जाता था लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग की पहल से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम जन आंदोलन बन गया है, समाज के समृद्ध लोग टीबी मरीजों की सहायता के लिए भाग ले रहे हैं, इससे टीबी मरीजों को आर्थिक व मानसिक रूप से हिम्मत मिली है, अब टीबी मरीज टीबी से घबराता नहीं है, बल्कि सही उपचार व सही आहार लेकर टीबी रोग से ठीक हो रहे हैं, हमें भी पोषण किट और दवाएं प्राप्त करके टीबी को हराना अब आसान लग रहा है, कार्यक्रम में मुकेश, सत्यवीर, अनूप, राजेश, निश्चल और संस्था से लक्ष्मीकांत गौर, बल्ली आदि उपस्थित रहे ।