
भाकियू अराजनैतिक ने कलेक्ट्रेट किया प्रदर्शन, सौंपा 14 सूत्रीय ज्ञापन
भाकियू अराजनैतिक ने कलेक्ट्रेट किया प्रदर्शन, सौंपा 14 सूत्रीय ज्ञापन
मथुरा । भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की, किसान नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर 14 सूत्रीय ज्ञापन दिया जिसमें मांग की गई है कि उनकी समस्याएं शीघ्र हल नहीं की गई तो आंदोलन करने को बाध्य होगें, यूनियन के मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने बताया कि वर्तमान समय में डीएपी खाद की समस्या किसानों को सबसे ज्यादा आ रही है जो कि खरीफ की फसल में हम किसानों डीएपी खाद नहीं मिली है और रवि की फसल के लिए डीएपी खाद की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि डीएपी और यूरिया की समस्या को तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए, किसानों को सिंचाई के लिए बिजली निजी नलकूपों के लिए रात में सप्लाई दी जाए। जर्जर 11000 केवी की लाइनें सही कराई जाए, गांव की लाइट गर्मी के हिसाब से सुबह चालू कराई जाए, किसानों की फसल में बिजली से जो नुकसान हुआ है उसका 100 फीसदी अनुदान दिया जाए, बिजली विभाग द्वारा गांव में अवैध वसूली तत्काल प्रभाव से रोकी जाए, बिजली के बिल ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर सही किए जाए, बिजली कटौती को तुरंत बंद किया जाए , सिंचाई के लिए नहर व रजवाह की सफाई कर पानी छोड़ा जाए, रवि व खरीफ की फसल के लिए समय से पानी उपलब्ध न होना जबकि तहसील महावन में 70 से 80ः किसानों की सिंचाई का साधन नहर व रजवाहा हैं।
उन्होंने बताया कि तहसील में दाखिल खारिज के नाम पर किसानों का शोषण हो रहा वारिसान दाखिल खारिज कई महीनो से अटकी पड़ी है क्योंकि किसानों द्वारा लेखपालों को पैसा नहीं दिया गया इसलिए आज तक वारिसान दाखिल खारिज नहीं हो पा रही है। अंश निर्धारण के लिए प्रत्येक गांव पंचायत पर कैंप लगाकर खतौनी सही की जाए। इसके लिए प्रतिदिन किसान तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
किसानों की मांग है कि गांव में पोखर तालाबों की सफाई कराई जाए और उनका सौंदर्य करण कराया जाए, ग्राम पंचायत में चकरोड पर अतिक्रमण ग्राम पंचायत में यह समस्या बनी हुई है इस समय खेत खाली है विशेष टीम बनाकर इस समस्या का समाधान किया जाए। यमुना एक्सप्रेसवे का बकाया 64.7 मुआवजा की अविलंब दिया जाए, दर्घटा ग्राम पंचायत चकबंदी प्रक्रिया से हटा दी गई है। निज आबादी के लिए 143 की कार्रवाई यमुना प्राधिकरण की तरफ से रोक लगाई गई है उस रोक को तुरंत हटाया जाए। आवारा गौवंश पशुओं की समस्याओं से निजात दिलाई जाए अभी तक गौ वंश सुरक्षित नहीं किया गया है। गांवों से बंदरों को पकड़वाया जाए।
किसानों का कहना है कि गंगाजल परियोजना में जो पानी की लाइन डाली जा रही है उस गांव के खड़ंजा व रोड टूट गए हैं उन्हें बनवाया जाए। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में मोटा पैसा लिया जाता है और किसानों को कई बार चक्कर लगाना पड़ता है ब्लॉक के अधिकारी तहसील पर टाल देते हैं। ज्ञापन देने वालों में इजी. सत्यवीर, शिवकुमार, गुड्ड प्रधान, लाल सिंह तोमर, दिनेश कुमार आदि सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल थे।