वृन्दावन शोध संस्थान में पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ
वृन्दावन शोध संस्थान में पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ
-प्राचीन पांडुलिपियों की संरक्षण विषय पर पांच दिन तक किया जायेगा मंथन
मथुरा । मंगलवार को वृन्दावन शोध संस्थान में पांच दिवसीय प्राचीन पांडुलिपियों की प्राथमिक एवं उपचारात्मक संरक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया, उद्घाटन सत्र के दौरान एनआरएलसी लखनऊ के पूर्व प्रशिक्षक प्रमोद कुमार पाण्डे ने कार्यशाला के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का संवर्धन पांडुलिपियों के संरक्षण से जुड़ा है जिससे आने वाली पीढ़ी जान सकेगी कि उनके पूर्वजों का ज्ञान कितने उच्च स्तर पर था ।
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संस्थान के निदेशक डॉ0 राजीव द्विवेदी ने कहा कि संस्थान द्वारा पिछले 58 वर्षों से पांडुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है, वर्तमान में भारत सरकार की परियोजना ज्ञान भारतम् पूर्वनाम राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंर्तगत संस्थान की संरक्षण प्रयोगशाला भी चल रही है, ज्ञान भारतम् के अंतर्गत वृंदावन शोध संस्थान संरक्षण कार्य के मुख्यालय के रूप में कार्य कर रहा है, संस्थान के संरक्षण सहायक करवेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान द्वारा हस्तलिखित ग्रंथागार एवं संस्थान के बाहर संरक्षित पांडुलिपियों का संरक्षण एवं डिजिटाईजेशन का कार्य किया जाता है ।
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कार्यशाला का प्रारंभ अतिथियों द्वारा ठा0 बांके बिहारी महाराज के चित्रपट पर माल्यार्पण से हुआ, अतिथियों का स्वागत संस्थान प्रशासनाधिकारी रजत शुक्ला ने पटुका उढ़ाकर किया, कार्यशाला का संयोजन एवं संचालन संरक्षण सहायक करवेंद्र सिंह द्वारा किया गया, संरक्षण कार्यशाला में प्रथम दिन छात्र छात्राओं को पांडुलिपियों के प्रकार, पांडुलिपि की विकृतियों के प्रकार एवं विकृतियों के प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी प्रदान की गई, कार्यशाला में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, संपूर्णानंद संस्कृति विवि, डॉ0 बी0आर0 अंबेडकर विवि, रीजनल आयुर्वेदिक रिसर्च इंस्टीटयूट, के अलावा कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, पटना, पूणे, मथुरा, गोवर्द्धन के प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं ।
राजकीय महाविद्यालय, मांट के डॉ0 गौरव कुमार सिंह एवं डॉ0 श्याम सुंदर ठैनुंआ सहित लगभग 21 छात्र-छात्राओं ने संस्थान के ब्रज संस्कृति संग्रहालय, हस्तलिखित ग्रंथागार, संरक्षण विभाग आदि का परिभ्रमण किया, नेहा चौधरी, राहुुुुल, राजू मिस्त्री, नितेश विश्वकर्मा, अल्वी शाह, आरूषी पाण्डे, गायत्री गुप्ता, नेहा चौहान, सुरभी शर्मा, सुप्रिया, सोनली वर्मा, मीनू अग्रवाल, सुभम गोस्वामी, जस्सी कुमार, डॉ0 माले शाहा, शरण्या, योगेश कुमार, उत्कर्ष श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे ।







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