अक्षय तीज : ठा. बांके बिहारी सोमवार देगें चरण सर्वांग दर्शन
अक्षय तीज : ठा. बांके बिहारी सोमवार देगें चरण सर्वांग दर्शन
-प्रशासन द्वारा वृंदावन नगरी में की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, रूट प्लान लागू
वृंदावन । जन-जन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज कल सोमवार को चरण सर्वाँग दर्शन देकर भक्तों को कृतार्थ करेंगे, इस दिन प्रातःकाल भगवान के चरण दर्शन एवं संध्या को सर्वांग दर्शन होंगे, चंदनी पोशाक श्रृंगार में सजे संवरे आराध्य ठाकुरजी को सत्तू के लड्ड़ू, फल, ठंडाई, शरबत, आधौटा आदि का विशेष भोग धराया जायेगा, इस पर्व पर विशेष रूप से अविवाहित कन्यायें अपने विवाह की कामना से प्रभु चरणों में स्वर्ण रजत पायल व चरण चौकी भी अर्पित करेंगी ।
मंदिर सेवायत व इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास के लाड़ले जन जन के आराध्य ठाकुर बाँकेबिहारी के चरण-सर्वांग दर्शन वर्ष में मात्र अक्षय तीज के दिन ही होते हैं, इसी दिन से बद्रीनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिये खुल जाते हैं, ब्रज में नंद यशोदा द्वारा बद्रीनाथ के दर्शन की इच्छा व्यक्त करने पर श्रीकृष्ण ने उन्हें बद्रीनाथ भगवान के रूप में दर्शन देकर अपने माता पिता की इच्छा पूर्ण की, उक्त स्थल ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में आदि बद्रीनाथ धाम के नाम से आज भी दर्शनीय है ।
उन्होंने बताया, पौराणिक मान्यता अनुसार पुण्यपर्व अखतीज को ही सृष्टि का शुभारंभ हुआ मानते हैं, इसी भावानुरूप इस दिन भगवान के श्री चरणों में सृष्टि का प्रतीक चन्दन का गोला रखा जाता है, चरणों में चन्दन गोला रखने के विषय में माना जाता है कि सृष्टी शान्त शीतल स्वरूपा है तथा इसका आदि एवं अन्त प्रभु के श्रीचरणकमलों से ही होता है, भावना स्वरूप चन्दन दर्शन का भावमय आयोजन होता है, रसोपासकों ने चरण दर्शनों की महत्वता दर्शाते हुये कहा है कि उपासना जगत् का सूक्ष्माति सूक्ष्मसार प्रभु चरणों में निहित है, उन्होंने बताया कि महाकवि सूरदास ने भी चरण दर्शन के विषय में लिखा है कि चरण कमल वन्दौ हरि राई, जाकी कृपा पंगु गिरि लंघे, अन्धे कूँ सब कछु दर्शाई, वहरौ सुने, मूक पुनि वोले, रंक चले सिर छत्र धराई ।
वहीं विप्रांशबल्लभ गोस्वामी बताते है कि अक्षय तीज पर दर्शन करने के लिए भारत के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों से हजारों श्रद्धालु भक्तिभाव से ओतप्रोत होकर वृंदावन पहुंचते हैं क्योंकि आराध्य बांके बिहारी के चरण दर्शन का सौभाग्य वर्ष में केवल अक्षय तीज के दिन ही मिलता है, एक दिन मिलने वाले चरण दर्शन की अभिलाषा लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रबंधन एवं जिला प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर सुरक्षा आदि की तैयारी की जाती है, जो इस समय मंदिर में जोर-शोर से चल रही है, उनके अनुसार जगह जगह पर भक्त जन जल शरबत की प्याऊ तथा पंखा छाया सेवा आदि भी करेगें ।







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