गुरुकुल हादसा : चार छात्रों की मौत, जिम्मेदारी से बच रहा प्रशासन
गुरुकुल हादसा : चार छात्रों की मौत, जिम्मेदारी से बच रहा प्रशासन
-कार्यवाही करने के बजाय अपनी कमियां छुपाने में लग रहा है जिला प्रशासन
वृंदावन (मथुरा) । चैतन्य विहार क्षेत्र स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में मंगलवार की रात करीब 10 बजे हुए दर्दनाक हादसे में टैंक में बनी जहरीली गैस के कारण छात्र मनू कटारे (22), विशू शर्मा (19), आर्यन पांडेय (16) और 17 वर्षीय देवांश शर्मा मौत हो गई जबकि जहरीली गैस से बेहोश हुए छात्र रुद्राक्ष का उपचार चल रहा है, हादसे के बाद गुरुकुलम संस्थान का संचालक मौके से भाग गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया, घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है। 
मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है, हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारी मामले के दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने और जिम्मेदारी तय करने की बजाय अपना दामन बचाते नजर आ रहे हैं, यहां तक गुरुकुल संचालक के खिलाफ मृतक छात्रों के परिजनों से मिलने वाली तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की बात एसएसपी करते रहे, वहीं जिलाधिकारी गुरुकुल संचालक का नाम बेहद ही सम्मान के साथ लेते रहे, कार्यवाही से पहले मजिस्ट्रेटी जांच कराने की बात कही जा रही है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि वृंदावन के चेतन्य बिहार में मध्य प्रदेश के श्री आशीष शर्मा जी हैं, इनके द्वारा एक वृंदावन गुरुकुल नाम से गुरुकुल चलाया जा रहा था, 200 से अधिक बच्चे पंजीकृत है, 100 से अधिक बच्चे रह रहे हैं जिसमें अंडर ग्राउंड वाटर टैंक बना हुआ था जिसमें बदबू आने के बाद बच्चे साफ करने के लिए नीचे उतरे, पांच बच्चे नीचे उतरे थे, चार की मौत हो गई, तत्काल मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया, तत्काल हम को मौके पर भेजा, राहत बचाव कार्य के निर्देश दिये ।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि सारे बच्चे बाहर के हैं, यहां के नहीं रहने वाले हैं, ये गुरुकुल कैसे चल रहा था, मान्यता थी कि नहीं, इतने छोटे से परिसर में इतने कैसे बच्चे रह रहे थे, इसका टोटल ऐरिया 350 वर्ग मीटर है, गुरुकुल किन परिस्थितियों में चलाया जा रहा था, मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी, ऐसे कई गुरूकुल यहां चलाये जा रहे हैं, इनका ऑडिट कराया जाएगा, कुछ दिन पहले सभी विद्यालयों का ऑडिट कराया गया था, फिर से ऑडिट कराया जाएगा ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बताया जा रहा है कि गैस की चपेट में तीन छात्रों की मृत्यु की जानकारी मिलते ही गुरुकुल संचालक भवन के बाहर आया और बैनर हटाने लगा, इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी, जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक चौथे छात्र की भी मृत्यु हो चुकी थी, हादसे के बाद पुलिस ने गुरुकुल की व्यवस्थाओं की देखरेख करने वाले अंकुर शर्मा को हिरासत में लिया है, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से इस तरह से दिखाया जा रहा है कि बच्चे अपनी मर्जी से रात 10 बजे अंधेरे अंडरग्राउंड टैंक की सफाई करने उतरे थे जिससे कई दिन से बदबू आ रही थी, 10 के 12 फीट गहरे टैंक में रात को 10 बजे गुरूकुल के विद्यार्थियों को टैंक साफ करने के लिए मजबूर किया गया, निश्चित ही रात को दस बजे कोई छात्र अपनी मर्जी से इतने गहरे टैंक में जिससे लगातार कई दिन से बदबू आ रही थी उतरने को तैयार नहीं हुआ होगा, जिस टैंक से बदबू आ रही थी ऐसे में कोई छात्र उतने के अपनी मर्जी से तैयार नहीं हो सकता ।













