सपा नेता ऋतु गोयल व पति मनोज अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सपा नेता ऋतु गोयल व पति मनोज अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज
-जमीनी विवाद में हुआ मुकदमा दर्ज, दो करोड़ की जमीन के सौदे से जुड़ा है मामला
-मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की संपत्ति की जांच कराने की मांग, पुराने जमीन विवादों का भी किया उल्लेख
मथुरा । जमीन के लेनदेन को लेकर समाजवादी पार्टी की पूर्व महानगर अध्यक्ष ऋतु सक्सेना उर्फ ऋतु गोयल और उनके पति मनोज गोयल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, थाना महावन क्षेत्र के गांव रामनगरीया निवासी बनैसिंह उर्फ बन्नी सिंह ने करीब 2 करोड़ 16 लाख 66 हजार रुपये में जमीन का सौदा तय होने के बावजूद पूरी रकम नहीं मिलने तथा कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया है ।.jpg)
पीड़ित की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ संबंधित लोगों की संपत्ति की जांच कराने की भी मांग की है, शिकायतकर्ता बनैसिंह उर्फ बन्नी सिंह के अनुसार उसकी जमीन का सौदा ऋतु गोयल, उनके पति मनोज गोयल और अन्य संबंधित लोगों के माध्यम से करीब 2 करोड़ 16 लाख 66 हजार रुपये में तय हुआ था, शिकायत में देवकीनंदन कश्यप निवासी जनकपुरी रोड, बीएसए रोड, मथुरा तथा मनीष आजाद निवासी आजाद नगर, सौंख रोड का भी उल्लेख किया गया है ।(27).jpg)
पीड़ित का आरोप है कि जमीन के सौदे के एवज में उसे चार किस्तों में कुल 14 लाख रुपये दिए गए, इसके अलावा तीन लाख रुपये का एक चेक भी दिया गया, जो उसके अनुसार बाउंस हो गया, पीड़ित का कहना है कि जब उसने सौदे की शेष रकम मांगी तो विवाद शुरू हो गया, आरोप है कि बकाया रकम देने के बजाय जमीन पर कब्जा करने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया, पीड़ित ने पुलिस से जमीन के सौदे से संबंधित दस्तावेजों, भुगतान के साक्ष्यों और अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है ।
शिकायतकर्ता बनैसिंह उर्फ बन्नी सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बकाया रकम मांगने पर ऋतु गोयल और उनके पति मनोज गोयल ने उसके खिलाफ पुलिस अधिकारियों को कथित रूप से गुमराह करते हुए शिकायत दी, पीड़ित का कहना है कि इस घटनाक्रम के बाद उसे फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने की आशंका सताने लगी, आरोप लगाया है कि बैंक खातों, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का कथित दुरुपयोग करते हुए जमीन पर कब्जे की नीयत से 22 अप्रैल 2026 की तारीख के स्टांप और नोटरी दस्तावेज तैयार कराए गए, इन दस्तावेजों को फर्जी और कूटरचित बताते हुए उनकी जांच कराने की मांग की है, उसने करीब 26 लाख रुपये के लेनदेन का भी उल्लेख किया है, पीड़ित का आरोप है कि जमीन के वास्तविक सौदे और कथित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी ।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने 22 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई थी, शिकायत में जमीन के सौदे, भुगतान, चेक और कथित फर्जी दस्तावेजों का विवरण देते हुए कार्रवाई की मांग की गई, पीड़ित का कहना है कि शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद ऋतु सक्सेना उर्फ ऋतु गोयल और उनके पति मनोज गोयल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है,
मुकदमे में कौन कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, इसकी पुष्टि संबंधित पुलिस अभिलेखों से की जानी आवश्यक है, फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में मनोज गोयल के खिलाफ मथुरा जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज पुराने मुकदमों का भी उल्लेख किया है, शिकायत में थाना हाईवे और थाना राया सहित अन्य मामलों का जिक्र करते हुए जमीन संबंधी विवादों तथा धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कराने की मांग की गई है, पीड़ित का कहना है कि संबंधित मामलों की पृष्ठभूमि को देखते हुए वर्तमान प्रकरण की गहनता से जांच होनी चाहिए, हालांकि शिकायत में उल्लिखित पुराने मुकदमों की वर्तमान स्थिति, उनमें लगाए गए आरोपों और न्यायालय के निर्णयों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है, किसी मुकदमे में नामजद होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है ।















