ब्रजरज उत्सव : पद्मश्री रामदयाल शर्मा ने बिखेरे लोककला के रंग
ब्रजरज उत्सव : पद्मश्री रामदयाल शर्मा ने बिखेरे लोककला के रंग
मथुरा । ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक संध्या में शनिवार को पद्मश्री रामदयाल शर्मा ने नौटंकी की प्रस्तुति से दर्शकों को भारतीय लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया, धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड के मंच पर कृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता की कथा को पारंपरिक नौटंकी शैली में प्रस्तुत किया गया, संगीत, लोक गायन, प्रभावशाली संवाद और सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया, उ0 प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ब्रजरज उत्सव में नौटंकी के माध्यम से पारंपरिक लोकनाट्य शैली की झलक देखने को मिली ।(25).jpg)
नौटंकी के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले रामदयाल शर्मा के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाट्य में गुरुकुल के दिनों में कृष्ण और सुदामा की मित्रता, समय के साथ दोनों के जीवन में आए अंतर और सुदामा की दरिद्रता के प्रसंगों को भावपूर्ण अंदाज में उकेरा गया, पत्नी के आग्रह पर मुट्ठीभर चावल की पोटली लेकर द्वारिका पहुंचे सुदामा और अपने बालसखा को देखते ही कृष्ण के भावुक हो उठने का प्रसंग विशेष आकर्षण बना, कृष्ण द्वारा सुदामा को गले लगाने और उनके चरण पखारकर सम्मान देने के दृश्य ने मित्रता, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया, सुदामा की संकोच भरी मुद्रा और कृष्ण के आत्मीय व्यवहार ने कथा को मार्मिक बना दिया ।(23).jpg)
कृष्ण-सुदामा की मित्रता की कथा पर आधारित इस चर्चित प्रस्तुति का मंचन 30 सदस्यीय कलाकारों के दल ने किया, इस कथानक को पारंपरिक लोकगायन, चौबोला, लावनी और नाटकीय संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, इससे पूर्व इसी मंच पर हकीम सिंह ने लोकगीत गायन, एकता जैन ने लोकगायन एवं नृत्य, कीर्तिदेव बल्लभ पाठक ने भजन और स्पार्क ग्रुप ने नाटक प्रस्तुत किया, इस दौरान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ राजीव पाण्डेय, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, सहायक अभियंता जे0 के0 जैन, चंद्रिका राय, चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार, अनूप शर्मा आदि मौजूद रहे ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही ब्रजरज उत्सव के मेला परिसर में भी उल्लास का माहौल रहा, विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और खानपान के स्टालों पर लोगों की आवाजाही बनी रही, परिवारों और बच्चों ने मेले में घूमने-फिरने के साथ खरीदारी और खानपान का आनंद लिया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेले की रौनक ने उत्सव स्थल को देर शाम तक गुलजार रखा, रविवार को दोपहर 2:30 बजे शरद अग्रवाल भजन गायक, 3:30 बजे मानसी सिंह भजन गायक, शाम 4:30 बजे खादी फैशन शो, शाम 5:30 बजे गीतांजलि शर्मा राधाकृष्णमयी दिव्य लीला, 7 बजे मधुरम डिवोशनल बैंड की भजन क्लिविंग कार्यक्रम होंगे ।















