ब्रजरज उत्सव : देशभर के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की धूम
ब्रजरज उत्सव : देशभर के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की धूम
-हिमाचली की शॉल-टोपी से लेकर त्रिपुरा के बांस के लैंप और कश्मीर के परिधान
-सहारनपुर का एंटीक फर्नीचर, बीकानेर के 56 प्रकार के अचार, केरल के व्यंजन भी बने आकर्षक
मथुरा । ब्रजरज उत्सव का बाजार इन दिनों ब्रजवासियों को खूब लुभा रहा है, शहर के धौली प्याऊ रेलवे मैदान में सजे इस बाजार में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से आए हस्तशिल्पियों, कारीगरों और कारोबारियों द्वारा अपने पारंपरिक उत्पादों की दुकानें सजाई गईं हैं, यहां हिमाचल के गर्म शॉल और टोपियों से लेकर त्रिपुरा के बांस से बने लाइट लैंप, आभूषण और होम डेकोरेशन के सामान तक की आकर्षक रेंज उपलब्ध है, देश के अलग-अलग हिस्सों की कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिल रही है, बाजार में हिमाचल प्रदेश के हैंडलूम से बने शॉल, स्टोल और टोपी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं ।(11).jpg)
त्रिपुरा के बांस से तैयार लाइट लैंप, घरेलू सजावट के सामान और ज्वेलरी की भी खूब मांग है। पंजाब की लेडीज जूतियां, कश्मीर के शॉल, सूट और साड़ियां तथा कोलकाता की कॉटन साड़ियां महिलाओं की पसंद बनी हुई हैं, राजस्थान की पारंपरिक लेडीज जूतियां और गुजरात के हैंडलूम उत्पाद भी बाजार की रौनक बढ़ा रहे हैं, प्रयागराज की खादी जैकेट, अलीगढ़ की महिलाओं की कुर्तियां और अमेठी के लेदर से बने होम डेकोरेशन के उत्पाद भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं, हस्तशिल्प की विविधता भी बाजार का खास आकर्षण है। (10).jpg)
मैनपुरी की लकड़ी पर तारकशी को लेकर राष्ट्रपति पुरुस्कार से सम्मानित राजकुमार की कारीगरी खूब पसंद आ रही है, भदोही के कालीन और कर्नाटक के मैसूर की लकड़ी से बनी थ्री-डी तस्वीरें लोगों को भा रही हैं, सहारनपुर का एंटीक फर्नीचर भी खास चर्चा में है, इसमें राजवाड़ा सोफा और राजमहल के कोने तथा साइड सजावट के लिए तैयार किए गए फर्नीचर के साथ झूले शामिल हैं, हिमाचल के पारंपरिक काठ-कुनी शैली के पुराने घरों की बनावट से प्रेरित नमूने भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, खानपान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की भी खूब रौनक है ।
मुजफ्फरनगर का अनेक प्रकार का गुड़, बीकानेर के राजस्थानी 56 प्रकार के अचार और केरल का ड्राई फ्रूट हलवा और नमकीन तथा अन्य खाद्य उत्पाद लोगों को लुभा रहे हैं गाजीपुर से आए जूट के एंटीक डेकोरेशन उत्पादों के साथ महिलाओं से जुड़ी उपयोगी वस्तुएं और रसोई के पारंपरिक सामान भी बाजार में उपलब्ध हैं, इस तरह ब्रजरज उत्सव का बाजार खरीदारी के साथ देशभर की लोककला, हस्तशिल्प, खानपान और पारंपरिक जीवनशैली से परिचित होने का अवसर भी दे रहा है।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र का कहना है कि ब्रजरज उत्सव का बाजार देश की विविध लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक मंच प्रदान कर रहा है, इसमें हिमाचल, कश्मीर, त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, केरल सहित देश के विभिन्न राज्यों के उत्पाद लेकर कारीगर और व्यापारी आए हैं जिसके माध्यम से ब्रजवासियों को एक ही स्थान पर देशभर की कला, संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों से परिचित कराना है, साथ ही स्थानीय और पारंपरिक कारीगरों को अपने हुनर के प्रदर्शन और कारोबार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी उत्सव की प्राथमिकता है, यहां सरकार की खादी सहित स्वदेशी सामान को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है ।















