आर्मरी कार्यालय में नहीं है कंप्यूटर, पकड में आये दो जालसाज
आर्मरी कार्यालय में नहीं है कंप्यूटर, पकड में आये दो जालसाज
-एसएसपी कार्यालय में पकड़ में आने के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
मथुरा । पुलिस लाइन की आर्मरी कार्यालय में कम्प्यूटर की सुविधा नहीं है, वहां से जारी होने वाले सभी प्रमाण पत्र आर्मोर द्वारा हाथ से लिखकर जारी किये जाते हैं, पुलिस विभाग को तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं, यहां तक कि एआई के उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है, ऐसे में भी पुलिस लाइन की आर्मरी कार्यालय में कम्प्यूटर की सुविधा नहीं है, अब सब काम कंप्यूटर पर ही होते होंगे, यही सोच दो जालसाजों को भारी पड गई जबकि आवेदकों द्वारा लगाये गये प्रमाण पत्र टाइप शुदा थे जिससे वह आसानी से पकड़ में आ गये ।
धोखाधड़ी साबित होने पर उपनिरीक्षक मनोज कुमार भाटी की तहरीर पर थाना जैंत पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की विवेचना उप निरीक्षक सुधीर राठी को सौंपी गयी है, थाना जैंत गांव नगला बहादुर के दो भाईयों ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिये पुलिस लाइन का फर्जी फायरिंग प्रमाण पत्र लगाने का मामला प्रकाश में आया है, एसएसपी कार्यालय में पत्रावलियों की जांच के दौरान प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर जैंत पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है ।
गांव नगला बहादुर निवासी दो सगे भाइयों अरुण कुशवाहा और योगेश कुशवाहा ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, बताते हैं कि तत्कालीन जांच अधिकारी उप निरीक्षक मनोज कुमार भाटी ने लाइसेंस की फाइल को जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट लगाकर एसएसपी कार्यालय भेज दिया था, वहां जब पत्रावलियों की गहनता से जांच की गई तो आवेदकों द्वारा लगाए गए फायरिंग प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र पर संदेह हुआ तो इसकी जांच कराने के लिये फाइल को पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) के पास भेज दिया गया ।
आरआई द्वारा प्रमाण-पत्र की जांच कर अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पुलिस लाइन की आर्मरी कार्यालय में कम्प्यूटर की सुविधा नहीं है, वहां से जारी होने वाले सभी प्रमाण-पत्र आर्मोरर द्वारा हाथ से लिखकर जारी किये जाते हैं जबकि आवेदकों द्वारा लगाये गये प्रमाण-पत्र टाइप शुदा थे, इससे धोखाधड़ी साबित होने पर उपनिरीक्षक मनोज कुमार भाटी की तहरीर पर थाना जैंत पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की विवेचना उप निरीक्षक सुधीर राठी को सौंपी गयी है ।







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