चार छात्रों की मौत के जिम्मेदार ही करेंगे जांच, बड़ा सवाल
चार छात्रों की मौत के जिम्मेदार ही करेंगे जांच, बड़ा सवाल
-गुरुकुल संचालक को किया गिरफ्तार, मृतक बच्चे के पिता ने दी तहरीर
-यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए भीषण हादसे, यमुना में नौका के डूबने की घटना में भी हुई थी मजिस्ट्रियल जांच
वृंदावन (मथुरा) । चैतन्य बिहार स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई चार छात्रों की मौत की घटना की मजिस्ट्रियल जांच होगी, जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये हैं, सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र को जांच सौंपी गई है, जब जांच ही सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे तो जांच की आंच किस पर आएगी यानी जिम्मेदार फिर किसी भी कार्यवाही की जद में आने से साफ बच निकलेंगे ।
किसी भी बडे हादसे के बाद मजिस्ट्रियल जांच होती है, यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए भीषण हादसे में, यमुना में नौका के डूबने की वीभत्स घटना में भी मजिस्ट्रियल जांच हुई थी, इससे पहले राया में दीपावली के दिन गणेश बाग में हुए भीषण अग्निकांड में भी मजिस्ट्रियल जांच हुई, किसी भी घटना में जिम्मेदारों तक आंच नहीं आई, भीषण से भीषणतम मामले भी छोटी मोटी कार्यवाही के बाद निपट गये, अब बेहद गंभीर मामले में जिसमें रात के 10 बजे पानी के टैंक की सफाई करने के लिए जबूर किये गये छात्रों में से चार की मौत के मामले में भी मजिस्ट्रियल जांच होगी ।.jpg)
डीएम सीपी सिंह ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, प्रशासन ने यह भी कहा है कि बिना मान्यता और पर्याप्त व्यवस्थाओं के संचालित ऐसे संस्थानों की जांच के लिए जिले में अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने गुरुकुलों में बच्चों की सुरक्षा, रहने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक जांच और पुलिस विवेचना के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी, घटना के बाद पुलिस ने गुरुकुल संचालक को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है, चैतन्य बिहार स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में मंगलवार रात करीब 10 बजे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे छात्रों के साथ दर्दनाक हादसा हुआ, जहरीली गैस की चपेट में आने से मध्य प्रदेश के देवांश शर्मा, हस्तिनापुर के विशु शर्मा, कौशांबी के आर्यन पांडे और जबलपुर के मनु कटारा की मौत हो गई, वहीं रुद्राक्ष नाम के छात्र को गंभीर हालत में बचा लिया गया, हादसे के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुकुल संचालक आशीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया ।
मृतक छात्र विशु शर्मा के पिता मोहित शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, प्रशासनिक जांच में गुरुकुल की व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर सवाल सामने आए हैं, बताया गया कि करीब 120 वर्ग गज की चार मंजिला इमारत में बिना मान्यता गुरुकुल संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है, जांच में छात्रों के रहने की व्यवस्था और सेप्टिक टैंक की सफाई को लेकर भी सवाल उठे हैं, एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार गुरुकुल से करीब 120 बच्चों का रजिस्टर मिला है, पुलिस ने सभी बच्चों के परिजनों से संपर्क किया है, फिलहाल करीब 30 बच्चे आश्रम में सुरक्षित हैं और अपने परिवारों के लगातार संपर्क में हैं, पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को जुटा रही है ।













