किसान नेताओं ने लगातार चौथे दिन की नजर बंदी पर जताया आक्रोश
किसान नेताओं ने लगातार चौथे दिन की नजर बंदी पर जताया आक्रोश
मथुरा । नीट सहित दूसरे अन्य मुद्दों पर देश के अलग-अलग स्थानों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का असर मथुरा में भी देखा जा रहा है, छात्र, राजनीतिक और सामाजिक संगठन लगातार अपने अपने तरीके से विरोध इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं, दिल्ली की तरफ कूच करने के संभावित लोगों पर पुलिस ने नजर गढा दी है, खासकर उन संगठनों के पदाधिकारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है जिनके शीर्ष नेतृत्व इस आंदोलन बढचढ कर हिस्सेदारी कर रहे हैं, भाकियू चढूनी के कार्यकर्ताओं को लगातार चौथे दिन पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किए जाने से संगठन के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की है ।
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भाकियू चढूनी प्रदेश प्रवक्ता व आगरा मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि नजरबंद की कार्यवाही बंद नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, नजरबंदी को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है, किसान नेताओं ने पुलिस की कार्यवाही के खिलाफ चेतावनी दी है कि यदि आवाज दबाने का सिलसिला नहीं रुका, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा ।
जिला उपाध्यक्ष जयपाल सिंह चौधरी, श्याम पाल सिंह ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है, इसे तानाशाही करार दिया है और अल्टीमेटम दिया है, आम आदमी अपनी आवाज उठा नहीं सकता है, स्वतंत्रता का अधिकार का भी हनन किया जा रहा है, जिला उपाध्यक्ष नवल सिंह, गोवर्धन ब्लॉक अध्यक्ष तुलसीदास, तहसील अध्यक्ष गोवर्धन सत्यवीर सिंह, जगदीश निषाद, विजयपाल सिंह, किशन सिंह मुखिया, मानवेंद्र सिंह चौधरी, ओमवीर सिह, सौरव रावत, नरेंद्र उपाध्याय आदि ने इसकी आलोचना की है ।







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