प्रोजेक्ट लाडो के अंतर्गत दो बहनों का किया गया कन्यादान
प्रोजेक्ट लाडो के अंतर्गत दो बहनों का किया गया कन्यादान
मथुरा । सामाजिक सेवा और मानवता के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत स्ट्रेंजर फ्रेंड्स हैल्पिंग हैंड्स सोसाइटी ने अपने प्रोजेक्ट लाडो के अंतर्गत दो जरूरतमंद बहनों लाडो तनु एवं लाडो डॉली के विवाह में सहयोग कर कन्यादान का पुण्य कार्य सम्पन्न कराया, संस्था के संस्थापक पीयूष बंसल ने बताया कि समाज की प्रत्येक बेटी को सम्मानपूर्वक अपने नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर मिले, यही संस्था का उद्देश्य है ।
संस्था की अध्यक्षा एवं दिशा फैशन इंस्टिट्यूट की डायरेक्टर श्रीमती शिखा बंसल ने संस्था की टीम के साथ दोनों बहनों को विवाह हेतु आवश्यक सामग्री भेंट की, इनमें दावत के लिए राशन, दोना-पत्तल, ड्रेसिंग टेबल, कूलर, चार कुर्सियाँ, एक टेबल, सिलाई मशीन, स्टील की टंकी, गैस स्टोव, प्रेस, कुकर, पंखा, खाने के बर्तन, साड़ियाँ, लड़की एवं लड़के के कपड़े, श्रृंगार का सामान, बेडशीट, कंबल, इलेक्ट्रॉनिक केटल तथा अन्य उपयोगी सामग्री एवं सहयोग राशि शामिल रही, संस्था के सदस्य भारत अग्रवाल ने बताया कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य संभव हो पाते हैं, उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद बेटी के विवाह में सहयोग करना सबसे बड़ा पुण्य है ।
इस अवसर पर सद्भावना चौरिटेबल ब्लड बैंक के संस्थापक संजीव ने भी इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया, उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, उन्होंने भविष्य में भी संस्था के साथ मिलकर ऐसे जनसेवा कार्यों में सहयोग देने का विश्वास दिलाया, संस्था की वरिष्ठ सदस्या अंकिता शर्मा ने बताया कि लाडो का कन्यादान अभियान के अंतर्गत संस्था विवाह से पूर्व परिवार की स्थिति का सत्यापन करती है और समाज के सहयोग से आवश्यक सामग्री एकत्रित कर बेटियों के विवाह में सहयोग करती है, उन्होंने कहा कि यह सेवा आगे भी निरंतर जारी रहेगी ।
इस दौरान संस्था के सदस्य रजनी, रंजना, मीनल, नेहा मित्तल, अंजली, कृतिका, अनिल, भोला सिंह सहित अनेक सहयोगी उपस्थित रहे, अंत में संस्था ने सभी समाजसेवियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रिश्तों का नाम ज़रूरी नहीं होता, कुछ बेनाम रिश्ते भी किसी की ज़िंदगी बदल देते हैं, संस्था ने समाज के सभी नागरिकों से अपील की कि वे लाडो का कन्यादान अभियान से जुड़कर जरूरतमंद बेटियों के जीवन में खुशियाँ लाने का माध्यम बनें, ताकि कोई भी बेटी अपने विवाह के दिन स्वयं को असहाय महसूस न ही करे ।







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