पराली मामले में मथुरा ने हांसिल किया प्रदेश में अव्वल दर्जा
पराली मामले में मथुरा ने हांसिल किया प्रदेश में अव्वल दर्जा
-2025 में पराली जलने की हुई थीं 93 घटनाएं, 2026 में हुई 75 घटनाएं
मथुरा । जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम रहा कि जनपद में पिछले साल की तुलना में इस बार पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदेश भर में मथुरा जनपद एक बार फिर पराली जलाने की घटनाएं कारित करने के मामले में प्रदेश भर में अव्वल रहा है, जहां 15 सितंबर से 2 नवंबर तक 73 घटनाएं दर्ज की गईं, प्रशासन ने 21 किसानों पर 1.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है हालांकि अभी वसूली 30 हजार रुपये की ही हुई है। (67).jpg)
वर्ष 2025 में खेतों में पराली जलाने की 93 घटनाएं सामने आई थीं, मथुरा के प्रदेश में शीर्ष पर पहुंचने की एक बड़ी वजह यहां धान की अगैती खेती और कटाई का दौर माना जा रहा है, किसानों को पराली से खाद और भूसा बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, क्षेत्रीय कर्मचारी लगातार किसानों से संपर्क कर रहे हैं और गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं, उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 93 मामले सामने आ चुके थे, दो एकड़ से कम भूमि पर 2,500 से पांच हजार रुपये तक पराली जलाने पर जुर्माना लगाने का प्रविधान है, इसी तरह दो एकड़ से पांच एकड़ तक भूमि पर पांच हजार, पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 15 से 30 हजार रुपये का जुर्माना का प्रविधान है ।(65).jpg)















